जसपुरा ब्लाक प्रमुख जगतवीर सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस देने वाले 29 सदस्यों का सत्यापन अटक गया। तीन सदस्यों के पास निर्वाचन प्रमाण पत्र न होने से उन्हें सत्यापन में शामिल नहीं किया गया। इस पर अन्य सदस्यों ने सत्यापन प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। बाद में सदस्यों ने डीएम को ज्ञापन देकर सत्यापन की दूसरी तिथि घोषित करने की मांग की।
ब्लाक प्रमुख के खिलाफ 29 नवंबर को 29 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी थी। इनके सत्यापन के लिए शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में बुलाया गया था। एडीएम संतोष बहादुर ने प्रथम चरण में सात सदस्य कुसमा, किशन, शहीना, भलोदिया, चंदी, रामरती, सखाउद्दीन का सत्यापन किया।
इसके बाद निर्वाचन प्रमाण पत्र न होने पर सदस्य सिया जानकी, रज्जो, शिवपती को वापस कर दिया गया। इससे नाराज अन्य सदस्य सत्यापन प्रक्रिया का बहिष्कार कर कक्ष से बाहर निकल आए।
बाद में सभी सदस्यों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सत्यापन की दूसरी तिथि घोषित करने की मांग की। इस मौके पर सदस्य धर्मेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, धनंजय सिंह, ज्योति सिंह, मंजूलता, सादिका, दिलाशा, जगजीत, राजाबाबू, राजनारायन, अरविंद कुमार, बलराम, दिनेश, बृजलाल, मातादीन आदि मौजूद रहे। सत्यापन अधिकारी एडीएम संतोष बहादुर का कहना है कि तीन सदस्यों के पास निर्वाचन प्रमाण पत्र नहीं था। जिस वजह से उन्हें वापस किया गया था।