बांदा। मुख्यमंत्री की घोषणा वाली परियोजना में भी गड़बड़ी और घोटाले से अछूती नहीं रही है। निरीक्षण में यह सामने आने पर डीएम अनुराग पटेल ने कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक और सहायक अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
रविवार को डीएम ने 300 बेड के मंडलीय निर्माणाधीन अस्पताल, पुलिस लाइन में बन रहे ट्रांजिट हास्टल और नवाब टैंक परिसर में बनवाए जा रहे सरदार बल्लभ भाई पटेल ऑक्सीजन पार्क का निरीक्षण किया।
ट्रांजिट हास्टल की घोषणा पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने की थी। इसकी लागत 24 करोड़ 16 लाख 80 हजार है। तीन करोड़ मिल चुके हैं। काम अभी सिर्फ 15 फीसदी हुआ है।
डीएम ने घटिया निर्माण पर राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक और सहायक अभियंता व अवर अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने मंडलीय अस्पताल का भी निरीक्षण किया। इसकी लागत 67 करोड़ 55 लाख 65 हजार है। 64 करोड़ 17 लाख 86 हजार मिल चुके हैं।
खर्च अब तक सिर्फ 56 करोड़ 80 लाख 22 हजार बताए गए हैं। 95 फीसदी कार्य बताया गया है। कई जगह टूट फूट और सीलन आदि पर डीएम ने नाराजगी जताई। मांगने के बाद भी वार चार्ट भी नहीं पेश किया गया।
डीएम ने 10 अक्तूबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने नवाब टैंक परिसर के ऑक्सीजन पार्क में प्राधिकरण सचिव को निर्देश दिया कि बैडमिंटन, बास्केट बाल, किड्स प्ले, झूला आदि के सभी काम युद्ध स्तर पर पूरे कराए जाएं।
निरीक्षण के अंत में डीएम बड़ोखर ब्लाक में चल रहे एनआरएलएम सहायता समूहों के प्रशिक्षण को बन रहे भवन के निरीक्षण को पहुंचे। यह 51.28 लाख से बन रहा है। निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्याधिकारी एसके बघेल सहित संबंधित विभागों और कार्रदायी संस्थाओं के अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।