फोटो- 18 केन नदी से अलग बनाए गए तालाब में पानी भरते पालिका कर्मचारी। संवाद
बांदा। आस्था का पर्व नवरात्र महोत्सव समापन की ओर है। बुधवार को जगत जननी मां जगदंबे की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। नगर पालिका ने व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्रीचंद्र ने बताया कि केन नदी के विसर्जन घाट को समतल कराए जाने के साथ ही नदी किनारे बल्लियां लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा रोशनी के लिए हाईमास्ट और साधारण लाइटें भी लगाई गई हैं। एक हाइड्रा भी विसर्जन स्थल पर रहेगा।, उस पर हाईमास्क लाइट लगाकर विसर्जन स्थल को रौशन किया जाएगा।
इसके साथ ही क्योटरा तिराहे से लेकर केन नदी विसर्जन घाट तक नगर पालिका ने मार्ग प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि विसर्जन को लेकर पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। विसर्जन के दौरान नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। गौरतलब हो कि शहर में 350 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना देवी भक्तों ने की है।
नदी किनारे बनाए गए तालाब में होगा प्रतिमाओं का विसर्जन
बांदा। नदियों का पानी दूषित न हो, इसके लिए विसर्जन पर रोक है। इसके चलते नगर पालिका प्रशासन ने नदी के किनारे एक हिस्से पर पोकलैंड और जेसीबी से खोदाई कराई। उसे तालाब का रूप देते हुए उसमें पानी भरवाया जा रहा है। इसी तालाब पर देवी भक्त जगत माता की प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। इससे केन नदी का पानी भी दूषित नहीं होगा। नगर पालिका ईओ ने बताया कि विसर्जन के दौरान जामा मस्जिद के बाहर और बाबूलाल चौराहे पर भी बैरिकेडिंग लगाई जाएगी, ताकि माता के विमानों को गुजरने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकित बासू और अधिशासी अधिकारी पालिक श्रीचंद्र ने सोमवार को केन नदी में बनाए गए तालाब का निरीक्षण किया।