बांदा/खप्टिहा कला। जिले में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। खनन के कारोबार में लगे माफिया बालू और मौरंग के नाम पर किसानों के खेतों को बर्बाद कर रहे हैं।
पैलानी तहसील क्षेत्र के खप्टिहा कला में दबंग ठेकेदारों ने करीब एक दर्जन किसानों के खेतों को खोद डाला है। ये ठेकेदार रास्ते की मंजूरी बताकर रात में खेतों को खोदकर खनन करने में लगे हैं। इससे खेतों पर गहरे गड्ढे हो जाते हैं। केन और बागेन नदी के आसपास करीब एक दर्जन से अधिक खदानों के आसपास सैकड़ों किसानों के खेतों से रास्ता बनाने के नाम पर खनन हो रहा है। इन खेतों में 20 फीट से अधिक गहरे गड्ढे हो जा रहे हैं।
तटबंधों पर चल रहीं मशीनें, निकाल रहे बालू
नरैनी। केन नदी क्षेत्र में बालू न बचने पर बालू माफिया प्राकृतिक तटबंध में मशीनों से बालू निकाल रहे हैं। किसानों की जमीनों पर खनन हो रहा है। केन की मुख्य जलधारा से कुछ ही दूरी पर खेतों में मशीनें लगाकर खोदाई कर बालू निकाली जा रही है। जिससे नदी का प्राकृतिक तटबंध क्षतिग्रस्त हो रहा है। क्षेत्र के बरसंडा मानपुर, लहरेटा गांवों में नदी किनारे की निजी भूमि पर दिए गए पट्टे पर खनन किया जा रहा है। गिरवां क्षेत्र के मध्य प्रदेश के रामपुर सहित गांवों में नदी किनारे खनन किया गया है। कई जगह खेतों से 30 से 40 फीट गहरी खोदाई कर बालू निकाली गई है।
अभी तक नहीं हुई कार्रवाई
छनिहा डेरा निवासी बद्री विशाल निषाद का कहना है कि एक माह पूर्व खेत में खनन होने की शिकायत एसडीएम सुरभि शर्मा से की थी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन पाए जाने की पुष्टि भी की थी, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दबंगई से ठेकेदार करते खनन
किसान अरविंद कुमार, भिखारी निषाद, राजेंद्र, लाखन, मोहन कुमार, राजेश, बद्री विशाल निषाद, बाबूलाल, छोटेलाल, गयादीन, सिया राम, दयाराम, पंकज, परागी आदि किसानों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने दबंगई से उनके कई बीघे खेत को खोद डाले हैं। नतीजा यह है कि आने वाले बरसात के समय पर इन गहरे गड्ढों पर कई लोगों जान भी जा सकती हैं।
वर्जन
खनन की शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। यदि कोई कर्मचारी नहीं सुन रहा है तो किसान खुद आकर जानकारी दे सकते हैं। - दिनेश सिंह, पैलानी एसडीएम