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नदियों पर अवैध पुलों का पदयात्रा से विरोध

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बांदा। बुंदेलखंड की राष्ट्रीय नदियों की जलधारा बाधित कर बालू वाहनों के लिए बनाए गए अवैध पुलों के विरुद्ध राष्ट्रीय ध्वज के साथ पदयात्रा शुरू हो गई। पदयात्री प्रदर्शनकारियों ने बुंदेलखंड की सभी नदियों में बनाए गए अवैध पुल तत्काल ढहाने और अवैध खनन, ओवरलोडिंग तथा मशीनों के अवैधानिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की।
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बुंदेलखंड में अवैध खनन के विरुद्ध इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर करने वाले अधिवक्ता विजय द्विवेदी (हमीरपुर) ने बुधवार को अपने साथियों के साथ बांदा जनपद के खप्टिहा कलां आदि क्षेत्रों में केन नदी में बनाए गए अवैध पुलों पर पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन भी किया। इन सभी पदयात्रियों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थे। श्री द्विवेदी की रिट पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई कई चरणों में हमीरपुर आदि जनपदों में जांच कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन आदि की सीबीआई और ईडी जांच चल रही है। उसके बाद भी बुंदेलखंड की बेतवा और केन नदियों में अवैध पुल बरकरार हैं। अवैध खनन के बीच बालू के वाहन इन पुलों से निकल रहे हैं। पुलों से नदी की जलधारा बाधित हो रही है। ओवर लोडिंग भी खूब हो रही है। जिससे सड़कें ध्वस्त हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में यह जनजागरण अभियान पदयात्रा शुरू की है। इन पर रोक न लगने पर ये जारी रहेगी।
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अवैध पुलों की पैरोकारी भी की जा रही है। खप्टिहा कलां में खंड संख्या 100/3 खदान में केन नदी पर बने पुल पर गांव के चुन्नू निषाद, पुत्तन निषाद, रज्जू यादव का कहना है कि गर्मी में नदी का पानी कम हो जाने से गांव के लोग इसी पुल के रास्ते से अपने दो पहिया और चार पहिया वाहन निकालकर छनिहा डेरा, सेमरा डेरा, शिवपाल डेरा, कुटी डेरा आदि गांव आते जाते हैं। यह रास्ता बालू ढुलाई के काम नहीं आता। उधर, पुल में भारी वाहनों के निकलने के लिए डाली गई लोहे की चादरों के बारे में एसडीएम पैलानी रामकुमार ने जांच कराने की बात कही है।
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