बांदा। नदियों पर पुल बनाकर जिले और राज्यों को सड़क मार्गों से जोड़ने की योजना जिले में सुस्ती का शिकार है। प्रदेश में तीन सरकारों के कार्यकाल गुजर गए, लेकिन एक दशक से निर्माणाधीन दो पुल अब तक पूरे नहीं हुए। जिले में सात पुल सेतु निर्माण निगम बना रहा है। ये सभी अधूरे हैं। प्रदेश सरकार इन पर 25 अरब से ज्यादा रुपये खर्च कर चुकी है, पुलों का निर्माण औसतन 67 फीसदी हुआ है।
बसपा सरकार में वर्ष 2011 में बांदा-फतेहपुर की सरहद पर यमुना नदी पर औगासी घाट और मर्का घाट पर पक्के पुल स्वीकृत हुए थे। काम भी शुरू हो गया था, लेकिन बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहे दोनों पुलों का निर्माण एक दशक बाद भी पूरा नहीं हुआ। फतेहपुर-बबेरू-अतर्रा होकर मध्य प्रदेश की सीमा करतल को सड़क से जोड़ने वाले पुल में 28 खंभे तैयार हो चुके हैं। 5 करोड़ 97 लाख रुपये सेतु निगम को मिल चुके हैं। 2 करोड़ 68 लाख 26 हजार मिलना बाकी है। निगम का दावा है कि 91 फीसदी निर्माण हो चुका है।
यमुना नदी पर दूसरा पुल मर्का घाट में बांदा-बबेरू मार्ग पर बन रहा है। इसके 32 खंभे बन चुके हैं। सुस्त रफ्तार के चलते लागत बढ़ गई है। सेतु निगम ने पुनरीक्षित इस्टीमेट बनाकर शासन से 87 करोड़ 80 लाख 92 हजार सरकार से मांगे हैं। शासन ने 38 करोड़ 94 लाख 86 हजार दिए हैं। 31 करोड़ 35 लाख 16 हजार बाकी है। पुल का काम 71 फीसदी पूरा होने का दावा किया गया है। यह सूचनाएं जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप कुमार शुक्ला को सेतु निगम ने दी है।
बागेन नदी में ओरा-ममसी मार्ग पर निर्माणाधीन पुल : यह वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ। पांच फाउंडेशन बन गए हैं, तीन शेष हैं। शासन से 14 करोड़ 49 हजार 89 हजार मिल चुके हैं। 76.31 करोड़ शेष हैं। निर्माण 74 फीसदी बताया गया है।
नरैनी-कालिंजर मार्ग पर बाईपास पुल : फ ोरलेन का यह रेलवे ओवरब्रिज वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ। 18 खंभे तैयार हो गए हैं। 3 शेष हैं। 8 खंभे रेलवे बनाएगा। सेतु निगम को शासन से 42 करोड़ 86 लाख 87 हजार रुपये मिले हैं। आठ करोड़ 74 लाख 22 हजार शेष हैं। पुल का निर्माण 64 फीसदी बताया गया है।
बाईपास रिंगरोड पर केन नदी के राजघाट पर बन रहा फोरलेन पुल : यह वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ। 9 खंभे बन गए हैं। 11 शेष हैं। शासन से 39 करोड़ 56 लाख 46 हजार मिल चुके हैं। 20 करोड़ 40 लाख 56 हजार बाकी हैं। 31 फीसदी निर्माण बताया गया है।
नए बाईपास में झांसी-मानिकपुर रेल सेक्शन में बन रहा पुल : यह वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ। 26 खंभे तैयार हैं। 8 खंभे रेलवे को बनाना है। शासन ने 48 करोड़ 44 लाख 33 हजार रुपये दिए हैं। 8 करोड़ 17 लाख 53 हजार बाकी हैं। 92 फीसदी निर्माण बताया है।
भदावल-भसौंदा मार्ग में बागेन नदी पर बन रहा पुल : यह वर्ष 2019 में स्वीकृत हुआ है। 8 फाउंडेशन पर काम चल रहा है। 3 पूरे हो चुके हैं। शासन ने 16 करोड़ 64 लाख 73 हजार दिए हैं। 87 लाख 64 हजार शेष हैं। निर्माण 48 फीसदी बताया गया है।