बांदा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने एनपीएस मुद्दे पर सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया। साथ ही डीआईओएस पर शिक्षकों के लंबित मामलों को लटकाए रखने और हठधर्मी होने का आरोप लगाया।
शुक्रवार से डीआईओएस कार्यालय पर बेमियादी सत्याग्रह के पहले दिन जिलाध्यक्ष डॉ. गणेश सिंह पटेल और उपाध्यक्ष जानकीशरण शुक्ला ने कहा कि डीआईओएस को मार्च 2020 में एनपीएस राशि जारी कर दी गई थी। पड़ोसी जिले चित्रकूट, महोबा में शिक्षकों के खाते में भेजा जा चुका है, लेकिन बांदा डीआईओएस दो साल से हठधर्मी पर आमादा हैं। कई बार उनसे अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन खातों में राशि नहीं भेजी गई।
शिक्षक संघ नेताओं ने कहा कि उ.मा. विद्यालय पनगरा के 5 शिक्षकों के चयन वेतनमान की फाइल डीआईओएस तीन साल से रोके हैं। उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं। आदर्श किसान इंटर कॉलेज, भभुवा प्रधानाचार्य छेदी लाल वर्मा की पदोन्नति और वेतन नहीं निर्धारित किया जा रहा। इसी स्कूल के निलंबित अध्यापक रामरोशन का जीवन निर्वाह भत्ता नहीं दिया गया।
चयन वेतनमान की फाइलें कई माह से लटकाए रखीं गईं हैं। किसी भी एनपीएस स्कूल के प्रधानाचार्य या शिक्षक आदि को लेखा पर्ची नहीं दी जा रही। संघ के जिला मंत्री बाकर खां ने कहा कि मांगें पूरी न होने तक क्रमिक सत्याग्रह जारी रहेगा। सत्याग्रह रोजाना शाम 4 से 5 बजे तक होगा।
पहले दिन सत्याग्रह में प्रांतीय मंत्री केदार वर्मा सहित मुकेश तेजानी, शहाना खान, अरुण कुमार सिंह, राजेंद्र पटेल, शांतिभूषण यादव, गिरजेश मिश्रा, सुरेंद्र, दादूराम वर्मा, मुकेश चंद्र, राम रोशन दिनकर, बाला राम, शिव सेवक पटेल, जानकी शरण शुक्ला आदि शामिल रहे।