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बांदा: दिल दुरुस्त रखना है तो दिनचर्या में लाएं बदलाव

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हृदय रोग विशेषज्ञ डा.केएल पांडेय। - फोटो : BANDA
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बांदा। कोरोना संक्रमण को ‘दिल’ पर न लें वरना आप हृदय रोगी बन सकते हैं। अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान और तनाव से हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिल दुरुस्त रखना है तो दिनचर्या में बदलाव लाएं। नियमित व्यायाम और सुबह-शाम की सैर से दिल को सेहतमंद रखा जा सकता है। हृदय रोग किसी भी उम्र में हो सकता है।
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दिल के लिए मुफीद यह नुस्खे और टिप्स जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ डा.केएल पांडेय के हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना लगभग 40 से 50 हृदय रोगी इलाज को आते हैं। इनमें अधिकांश मरीज 55 से 65 वर्ष आयु के हैं। 25 से 45 वर्ष उम्र के 35 फीसदी युवा भी हैं। 40 की उम्र के बाद हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पिता या भाई को 55 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया है या फिर किसी महिला को 65 साल की उम्र से पहले अटैक आया है तो परिवार के अन्य सदस्यों को हृदय रोग का खतरा लगभग 50 फीसदी रहता है। हृदय रोग/अटैक के खतरे कम करने के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट सामान्य व्यायाम से पसीना बहाना अनिवार्य है। तभी दिल दुरुस्त रहेगा।
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दिल रोग से बचाव
कम वसायुक्त एवं पौष्टिकयुक्त आहार लें। प्रतिदिन व्यायाम करें। भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम करें। आहार में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करें। तनावमुक्त जीवन जीएं। धूम्रपान-तंबाकू का सेवन बंद कर दें। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठकर काम न करें। अच्छी नींद लें। उक्त रक्तचाप व डायबिटीज पर नियंत्रण रखें। यह दोनों हृदय रोग की मुख्य जड़ हैं।
हार्ट अटैक से मौत का बढ़ रहा ग्राफ
बांदा। लॉकडाउन अवधि के बीते 6 महीनों में जिला अस्पताल में लगभग 10 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हुई है। इनमें अधिकांश 55 से 70 वर्ष आयु के थे। पिछले साल भी 17 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हुई थी। हृदय रोग विशेषज्ञ डा.पांडेय का कहना है कि साल-दर-साल हार्ट अटैक से मौत का ग्राफ बढ़ रहा है।
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