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Banda News: विवाहिता की मौत के मामले में पति को 10 वर्ष की कैद, सास बरी

Thu, 11 Dec 2025 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। दहेज में बाइक और भैंस न मिलने पर विवाहिता को लगातार प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश छोटे लाल यादव की अदालत ने बुधवार को पति रक्षपाल उर्फ रामपाल को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाने के साथ आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने दोषी का वारंट जारी कर जेल भेज दिया। इसी मामले में आरोपी सास उर्मिला उर्फ सुशीला को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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तिंदवारी थाना क्षेत्र के जौहरपुर गांव निवासी श्रीलाल पाल ने पांच दिसंबर 2021 को थाना पैलानी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसकी बेटी कोमल की शादी 29 मई 2017 को पैलानी थाना क्षेत्र के डारामऊ निवासी रक्षपाल से हुई थी। विवाह के बाद से ही रक्षपाल और उसकी मां सुशीला लगातार यह कहते हुए कोमल को प्रताड़ित करते थे कि दहेज में भैंस और बाइक नहीं दी गई।
शिकायत में बताया गया कि वर्षों से चली आ रही प्रताड़ना बढ़ती गई और 3 दिसंबर 2021 को दोनों ने कोमल के साथ गाली-गलौज, लात-घूंसे और डंडों से मारपीट की। शोर सुनकर पड़ोसियों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद दोनों आरोपी घर छोड़कर चले गए। अत्याचार से क्षुब्ध कोमल ने डाई पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर रक्षपाल उसे पहले जसपुरा सीएचसी, फिर जिला अस्पताल ले गया। वहां से उसे कानपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजनों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को अदालत में पेश किया गया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों का विस्तार से अवलोकन करते हुए अदालत ने अपने 45 पृष्ठीय निर्णय में पति रक्षपाल को दोषी ठहराया, जबकि सास सुशीला को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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