बांदा। उद्यान विभाग का एक और गड़बड़झाला सामने आया है। इस बार विभाग के जिम्मेदारों ने 1.10 लाख हजार की मौसंबी महज चार हजार रुपये में बेच दी। इसके पहले विभाग ने 50 लाख के शीशम और सागौन की लकड़ी बिना टेंडर व नीलामी प्रक्रिया में 15 हजार में बेच दी थी। मामले में उप निदेशक ने नोटिस जारी करने व जांच कराने की बात कही है।
शहर के नवाब टैंक के पास पांच हेक्टेयर के राजकीय पौधशाला प्योंदीबाग में 22 मौसंबी के पेड़ लगे हैं। सरकारी मानक के अनुसार पांच साल से अधिक उम्र के पेड़ में 40 से 50 किलो फल निकलते हैं। प्योंदीबाग के पेड़ एक दशक पुराने बताए जाते हैं। बताते हैं कि प्रत्येक पेड़ में करीब 50 किलो मौसंबी लगी थी। इस प्रकार 11 क्विंटल मौसंबी का उत्पादन हुआ। पैदावार के हिसाब से मौसंबी का बाजार भाव 1.10 लाख रुपये के करीब है। विभाग ने इसे महज चार हजार रुपये में ही बेच दिया।
मौजूदा समय बाजार में मौसंबी प्रति किलो 100 रुपये की बिक रही है। इससे पूर्व विभाग ने 50 लाख के शीशम व सागौन के 35 पेड़ों की लकड़ी महज बिना टेंडर, नीलामी के बेच दिया था।
जिला उद्यान अधिकारी केशवराम का कहना है कि पिछले एक साल से लकड़ी पड़ी थी। जो खराब हो रही थी। मौसंबी ज्यादा पक गई थी। उसे रोका जाता तो खराब हो जाती। उप निदेशक उद्यान विनय कुमार यादव का कहना है कि उद्यान अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगेंगे। मामले की जांच भी कराएंगे।