दहेज हत्या के जुर्म में पति, सास और ससुर को अदालत ने सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। दो-दो हजार रुपये या 20 दिन की अतिरिक्त कैद के आदेश दिए।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पवई गांव निवासी रणजीत सिंह ने 17 अप्रैल 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री सफलता की शादी 6 जून 2011 को शिव गांव निवासी विजय सिंह पुत्र वरदानी सिंह के साथ की थी।
शादी के बाद सफलता का भाई उसे लेने ससुराल गया तो पति, ससुर, सास, ननद और ननद के पति आदि ने 50 हजार रुपये और मोटर साइकिल मांगी। यह न दे पाने पर इन ससुराल वालों ने सफलता को सताना शुरू कर दिया। उसके साथ मारपीट की। 17 अप्रैल 2013 को शाम उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मार डाला।
जिस्म में चोट के निशान भी पाए गए। पुलिस ने सभी के विरुद्ध धारा 304 बी, 498 ए और दहेज अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद पुलिस ने पति विजय सिंह, सास प्रभावती और ससुर वरदनी तथा सह अभियुक्त संजय सिंह के विरुद्ध अदालत में अरोप पत्र दाखिल किया। ननद व उसके पति को क्लीनचिट देकर मुकदमें से हटा दिया।
एडीजीसी मूलचंद्र कुशवाहा ने चार गवाह पेश किए। बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ब्रजलाल चौरसिया ने पति, सास और ससुर को धारा 304 बी में 7-7 वर्ष, धारा 498 ए में एक-एक वर्ष की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माना तथा दहेज अधिनियम में एक-एक वर्ष की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर 20 दिन जेल में और रहना होगा।