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उद्यान विभाग संवारेगा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां

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बांदा। एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत उद्यान विभाग खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयों को संवारेगा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना के तहत सरकार खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए किसानों को 35 फीसदी अनुदान भी देगी।
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत उद्यान विभाग को खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयों की स्थापना की जिम्मेदारी दी गई है। चित्रकूटधाम मंडल को इस वित्तीय वर्ष में 334 इकाइयां लगाने और उनके विस्तार का लक्ष्य है।
इकाइयां लगाने के लिए लाभार्थी को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाया जाएगा। इसमें 10 फीसदी धनराशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी। प्रोजेक्ट लागत का 35 प्रतिशत सरकार अनुदान देगी। मंडल के तीन जिले बांदा, चित्रकूट, महोबा को एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) में तिलहन उत्पाद में शामिल किया गया है, जबकि हमीरपुर मछली उत्पाद में शामिल है।
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इसके लिए भी नई इकाई स्थापित करने के लिए 10 लाख का ऋण दिलाया जाएगा। इसमें भी लाभार्थी को 10 फीसदी की धनराशि स्वयं लगानी होगी। योजना में प्रोजेक्ट लागत का 35 फीसदी अनुदान होगा, जिससे कोरोना के बाद बेरोजगार हुए मंडल के ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके।
जिला इकाई लक्ष्य आवेदन
बांदा 98 21
चित्रकूट 98 20
महोबा 79 17
हमीरपुर 79 08
योग 324 66
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय द्वारा उद्यान विभाग में प्रधानमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना के विस्तार एवं लाभार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले इसके लिए जिला रिसोर्स पर्सन नियुक्त किए है। जो योजना के तहत इकाई ऋण दिलाने सहित इकाई स्थापना में लाभार्थी की मदद करेंगे।
तेल स्पेलर चक्की, आटा चक्की दूध, डेयरी, बिस्किट, ब्रेड उत्पाद, मिठाई दुकान, जैम जेली, मुरब्बा, बेकरी उद्योग, राइस मिल, फल आधारित उत्पाद, मसाला उद्योग, नमकीन उद्योग, सब्जी आधारित उत्पाद, मिनरल वाटर, मछली उत्पाद, तेल उत्पाद, उत्पाद, फल आचार आदि उत्पाद।
बांदा जिले के रिसोर्सपर्सन शिवम का कहना है कि जिन इकाइयों के लिए आवेदन प्राप्त हुए उनकी स्वीकृति के लिए भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। जनपद में चार आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए संबंधित बैकों में भेज दिए गए है। कमोवेश यहीं स्थिति अन्य जनपदों की भी है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तहत लाभार्थी को इकाई के विस्तार के लिए व एक जिला, एक उत्पाद में नई इकाई की स्थापना को 10 लाख का ऋण मिलेगा, ताकि लाभार्थी उद्योग को आगे बढ़ाकर आमदनी को दो गुना से अधिक कर सकें। -कृषि मोहन चौधरी, उप निदेशक (उद्यान), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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