मौसम की मार झेल रहे किसानों को खाद भी नहीं मिली तो उनका गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। कोआपरेटिव सोसाइटी के नजदीक नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। आवागमन ठप हो जाने से बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। एसडीएम और सीओ ने दो दिन के अंदर खाद दिलाने का वादा करके बमुश्किल जाम खत्म कराया।
बुधवार को बड़ी संख्या में किसान क्रय विक्रय सहकारी समिति में खाद खरीदने आए थे, लेकिन यहां खाद नहीं मिली। रवि की फसल में यूरिया खाद न डाले जाने से नुकसान का खतरा है। ऐसे में किसानों का तनावग्रस्त और गुस्से में होना स्वाभाविक है।
क्रय विक्रय सहकारी समिति के सामने बुंदेलखंड किसान यूनियन प्रदेश सचिव राकेश गौतम के नेतृत्व में किसानों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। बांदा और इलाहाबाद की ओर जाने वाले वाहन खड़े हो गए। दोनों ओर उनकी लंबी कतार लग गई। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाए।
कुछ ही देर में एसडीएम मनोज सिंह और सीओ राजेश सिंह आ गए। इन अफसरों ने पहले तो किसानों को जाम लगाने की धारा में मुकदमा दर्ज करने की धौंस-धमकी दी, लेकिन किसान नहीं माने। बाद में एसडीएम ने जिला कृषि अधिकारी से बात करके किसानों को भरोसा दिलाया कि दो दिन में खाद उपलब्ध करा दी जाएगी। लगभग एक घंटे बाद जाम खत्म हुआ।
जाम ने तोड़ी अफसरों की नींद
अतर्रा। किसानों के आंदोलन के साथ ही अधिकारियों की नींद टूट गई। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए एसडीएम मनोज कुमार सिंह और कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव की संयुक्त टीम ने यहां खाद की दुकानों में छापे मारे। दुकानों स्टाक रजिस्टर और बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। काला बाजारी पर मुकदमे की चेतावनी दी। खबरदार किया कि निर्धारित मूल्य से ज्यादा वसूला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापे मारी से दुकानदारों से खलबली मची रही।