बांदा। स्वास्थ्य विभाग के एंटी डेंगू लार्वा रोधी अभियान के बीच जनवरी माह से अब तक डेंगू के कुल 68 मरीज स्वास्थ्य विभाग के पन्ने में दर्ज हो चुके हैं। शहरी क्षेत्र के आठ मोहल्लों को स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क श्रेणी में भी रखा है। इन सब कवायदों के बीच डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं रहा है। हालांकि यह आंकड़ा गत वर्ष की तुलना में इस बार कम है। पिछले वर्ष नवंबर माह तक कुल 97 मरीज डेंगू बुखार के मिले थे। इस वर्ष यह आंकड़ा 68 तक पहुंच पाया है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में प्रतिदिन संभावित डेंगू के मरीजों की जांच की जा रही है। नवंबर माह तक कुल 300 घरों को मच्छर जनित स्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस भी भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ाें के मुताबिक जनवरी माह से अब तक शहरी क्षेत्र में छह टीमें और ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे के लिए 1691 स्वास्थ्य कार्यकत्रियों की टीम लगाई है। यह स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पानी से भरे पात्रों को देखकर उन्हें नष्ट करा रहे हैं। इसके अलावा हाई रिस्क श्रेणी में शामिल शहर के विभिन्न मोहल्लों शांति नगर, कटरा, कर्बला रोड, निम्मीपार, मर्दन नाका, खाईंपार आदि इलाकों में प्रतिदिन फागिंग और एंटी डेंगू लार्वा टेमीफॉस दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
इस कार्य में छह फागिंग मशीन भी लगी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्राें में जाकर डेंगू जागरूकता के पोस्टर और पंफलेट्स भी वितरित कर रहे हैं। नगर पालिका और नगर पंचायत के समंवय से फागिंग और जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
इतनी कवायदों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू को पूरी तरह से रोकने में सफल नहीं हो पाया है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी जांच में अब तक 68 मरीज डेंगू के मिल चुके हैं। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बुधवार को नरैनी तहसील के कालिंजर गांव में घर-घर सर्वे कर लोगों को संचारी रोग के प्रति जागरूक किया।
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वर्जन
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जल भराव वाले स्थानों, नालियों में लार्वा निरोधक दवा टेमीफॉस, बीटीआई को छिड़काव किया जा रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू के केसों में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार फागिंग और दवा छिड़काव के साथ-साथ घर-घर सर्वे में लगी हुई है। लोगों को इस बीमारी से जागरूक भी किया जा रहा है।
पूजा अहिरवार
जिला मलेरिया अधिकारी, बांदा
101 लीटर टेमीफॉस व फागिंग के लिए छह मशीनें विभाग के पास उपलब्ध
बांदा। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास वर्तमान में लार्वा निरोधक दवा टेमीफॉस 101लीटर उपलब्ध है। फागिंग के लिए छह मशीनें हैं। मैलाथियान 476 किलोग्राम स्टॉक में है। नेपसेक पंप 36 हैं। कंट्रोल रूम में सूचना आने और जिला अस्पताल की पैथोलॉजी रिपोर्ट प्रतिदिन देखी जा रही है। जहां भी डेंगू के केस मिल रहे हैं, वहां टीमों को भेजकर घर-घर सर्वे किया जा रहा है।