विश्व हाथ धुलाई दिवस पर कल्हरा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हाथ धोते बच्चे।
- फोटो : BANDA
विश्व हाथ धुलाई दिवस पर मंगलवार को परिषदीय स्कूलों में बच्चों को हाथ धुलवाने की धूम रही। जिला अस्पताल में भी मरीजों और तीमारदारों तथा स्टाफ को हाथ धोने के तरीके सिखाए गए।
बताया गया कि बेहतर स्वास्थ्य पाने का आसान तरीका साफ हाथ हैं। हाथ में ही लंबे जीवन की रेखा है। अधिकतर कीटाणु हाथों के रास्ते शरीर में दाखिल होते हैं। सही समय पर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं तो डायरिया, कालरा, हैजा, सर्दी-जुकाम, पेट रोग आदि से बचा जा सकता है। खाने के पहले और शौच के जरूर हाथ धोएं।
छोटे बच्चों को छूने और खाना खिलाने से पहले बच्चों को मल साफ करने के बाद, बीमार से मिलने के पहले व बाद, कूड़ा-करकट साफ करने के बाद, छींकने व खांसने के बाद जरूर हाथ धोएं।
हाथ और कलाई को अच्छी तरह गीला करके साबुन लगाएं। कम से कम 30 सेकेंड तक हथेलियों और उंगलियों को रगड़ें। जिला अस्पताल में सीएमएस डा.एसएन मिश्रा के निर्देशन में मैनेजर डा.रामकुमार वर्मा ने हाथ की गंदगी से होने वाली बीमारियों से आगाह किया।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को हाथ धोने के तरीके बताए गए। कल्हरा (महुआ) ग्राम पंचायत में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सचिव वीरेंद्र द्विवेदी और स्कूल स्टाफ ने बच्चों को हाथ धुलवाए और तरीका बताया। सीएचसी जसपुरा में बीपीएम स्वप्निल गुप्ता, बीसीपीएम ज्ञान सिंह और एएनएम आदि को अधीक्षक डा.संदीप सिंह ने हाथ धोने के तरीके और फायदे बताए।