बांदा में वृद्ध की हत्या के घटनास्थल पर गमीणों का जमघट।
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खप्टिहा कलां (बांदा)। शुक्रवार की देर रात पैलानी थाना क्षेत्र के करिंगा डेरा (सांड़ी) में वृद्ध किसान की कुल्हाड़ी से गला रेतकर हत्या उसके ही पौत्र (नाती) ने 40 बीघा जमीन की लालच में की थी। देर रात मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में खेत में छिपे आरोपी पौत्र को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। हालांकि पुलिस ने शनिवार की शाम तक गिरफ्तारी की बात छिपाए रही।
लगभग 65 वर्षीय मोतीलाल पाल पुत्र चुनकाई गांव में ही एक यादव परिवार के यहां तेरहवीं में गया था। देर रात वह अकेले घर लौट रहा था। तभी गांव के पास ही उस पर कुल्हाड़ी से हमला करने के बाद गला रेतकर हत्या कर दी गई। देर रात पुलिस अधीक्षक गणेश साहा भी घटनास्थल पहुंच गए। क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह और पैलानी थानाध्यक्ष भी फोर्स के साथ मौजूद थे।
मृतक के परिजन आदि से पूछताछ के बाद शक होने पर पुलिस अधीक्षक फोर्स के साथ मृतक के पुत्र सभाजीत के घर पहुंच गए। वहां पता चला कि इस घर के लोग खेत में हैं। पुलिस ने मृतक मोतीलाल के खेत को चारों ओर से घेर लिया और खोजबीन की। वहां मृतक का नाती प्रदीप पुत्र सभाजीत छिपा हुआ बैठा मिला। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो कुछ ही देर में उसने सारा राज उगल दिया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी आदि और खून में सने प्रदीप के कपड़े ज्वार के खेत से बरामद कर लिए। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि अभी जांच-पड़ताल चल रही है। हत्यारोपी नाती प्रदीप लगभग 18 वर्ष का बताया गया है। शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि में पता चला है कि मृतक मोतीलाल दो पुत्र सभाजीत व रणजीत हैं। बड़ा पुत्र सभाजीत गांव में पिता से अलग रहता था। मोतीलाल अपने छोटे बेटे रणजीत व बहू राजकुमारी के साथ रहता था।
मोतीलाल ने बड़े बेटे सभाजीत के नाम 22 बीघा और छोटे बेटे रणजीत की पत्नी के नाम 21 बीघा जमीन कर दी थी। शेष लगभग 40 बीघा जमीन अपने पास रखे था। उसने यह वसीयत की थी कि उसकी मृत्यु के बाद जमीन दोनों बेटे बराबर बांट ले, लेकिन सभाजीत के पुत्र कुलदीप की नीयत खराब हो गई। इसी जमीन की लालच में उसने अपने बाबा को मौत के घाट उतार दिया। उधर, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि घरेलू विवाद के चलते हत्या हुई है। शीघ्र ही खुलासा किया जाएगा।