सुपर मॉम के 29 शावकों में 23 सही सलामत
पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क और बाघों पर विशेष दिलचस्पी व नजर रखने वाले विक्रम सिंह परिहार बताते हैं कि इस बाघिन ने अपने तीसरे प्रसव में पांच शावकों को जन्म दिया था। आमतौर पर जन्म के बाद 50 फीसदी शावक जिंदा रहते हैं, लेकिन सुपर मॉम के बच्चों का जीवन दर 80 फीसदी रहा। उसके 29 बच्चों में 23 सही सलामत हैं। इसमें अपने शावकों और इलाके को सुरक्षित रखने की जबरदस्त क्षमता थी। पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि इसने अपना पूरा जीवन जीया। उसके निशान हर कहीं मौजूद हैं। उन्हें मिटाया नहीं जा सकता।
टी-15 था दस्तावेजी नाम
रिजर्व पार्क के अधिकारी बताते हैं कि वर्ष 2008 में इस बाघिन को रेडियो कॉलर पहनाया गया था। इसीलिए वह कॉलर वाली बाघिन कही जाती थी। टी-15 दस्तावेजी नाम दिया गया था।
इस अंदाज में मिली श्रद्धांजलि
इस रानी के शावकों की दहाड़ से मध्य प्रदेश के जंगल सदैव गुंजायमान रहेंगे। यह जंगल सुपर मॉम को हमेशा याद रखेगा। शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
सुपर टाइग्रेस मॉम कहलाने वाली बाघिन की मृत्यु वन विभाग और वन्य जीव प्रेमियों के लिए अपूर्णनीय क्षति है। वन विभाग अपनी भावांजलि अर्पित करता है।
कुंवर विजय शाह, वन मंत्री, मध्यप्रदेश