बांदा। जिले में ढाई दशक पूर्व तैनात रहा पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने सेवानिवृत्ति के चार माह पहले ही 46 करोड़ का घपला किया। उसके साथ काम करने वाले ज्यादातर मातहत सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक-दो लोग तैनात हैं, वह कहते हैं कि घपले में पांच लोग और शामिल रहे और उन्हीं के बातों में आकर वह गलत राह पर चले गए।
पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी रमेशचंद्र शर्मा को यहां जनपद में 14 अक्टूबर 1992 को तैनाती मिली थी। इसके बाद वह यहां पर दो अप्रैल 1994 को यहीं से सेवानिवृत्त भी हो गया। इसके पहले वह आगरा, लखीमपुर आदि जिलों में भी रहा है। वर्ष 1993 व 94 में जो भी दवाएं खरीदी गईं, उनकी कीमत बाजार दर से काफी ज्यादा रही। सेवानिवृत्त के एक वर्ष बात मामले की शिकायत शासन स्तर पर पहुंची।
इसके बाद सीबीआई ने इस मामले की तहकीकात की। जांच में पता चला कि रमेशचंद्र ने दवाएं व उपकरण मनमानी ढंग से खरीदे। इनके दाम बाजार से ज्यादा रहे। न्यायालय ने दोषी पाते हुए उन्हें दो दिन पूर्व ही तीन साल की सजा और एक लाख जुर्माना की सजा सुनाई। उधर, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी धीरेंद्र कुमार विजौरिया ने बताया कि सजा की जानकारी है।