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कृषि कानूनों के विरोध में बुंदेली किसान भी ट्रैक पर कूदे

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former,police,train,crops,banda - फोटो : BANDA
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बांदा। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर चल रहा किसान आंदोलन गुरुवार को बुंदेलखंड में गरमा गया। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी रेल रोको आंदोलन आह्वान पर बुंदेली किसान रेलवे ट्रैक पर आ गए। जो भी ट्रेन सामने आईं उसे रोका। पुलिस छावनी में तब्दील रहे रेलवे स्टेशनों में किसानों से पुलिस की जमकर नोकझोंक, धक्का-मुक्की और झड़पें हुईं। पुलिस ने कहीं मान मनौव्वल से तो कहीं बलपूर्वक किसानों से रेलवे ट्रैक खाली कराया। किसी यात्री ट्रेन के ज्यादा प्रभावित होने की खबर नहीं है। कई जगह मालगाड़ियां रोकी गईं। किसान यूनियन ने प्रशासन के जरिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे।
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मंडल मुख्यालय बांदा में सुबह से ही प्रशासन और पुलिस किसान आंदोलन से निपटने के लिए तैयार दिखा। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाके समेत कलेक्ट्रेट व कचहरी के इर्द गिर्द भी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। रास्तों पर बेरीकेटिंग लगाई गई। बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में किसानों का जत्था स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में एकत्रित हुआ। यहां से कृषि कानून विरोधी नारे लगाता हुआ रेलवे स्टेशन पहुंचा। रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। मालगाड़ी को रोका। उधर, बड़ी संख्या में तैनात सिविल और रेलवे पुलिस ने किसानों को ट्रैक से हटाना चाहा तो धक्का-मुक्की और झड़पें हुईं। महिला किसानों का महिला पुलिस से सामना हुआ। देर तक चले हंगामें के बाद रेलवे ट्रैक के पास ही यूनियन अध्यक्ष विमल शर्मा व उनके अन्य साथियों ने सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ को ज्ञापन सौंपा। सीओ अजय भदौरिया भी उपस्थित थे।
किसान नेताओं में श्रवण कुमार शर्मा, गणेश प्रसाद शर्मा, राकेश साहू, अखिलेश रावत, दिनेश निरंजन, अनूपा सिंह, बाला प्रसाद, योगेंद्र शुक्ला, राहुल शर्मा, रविंद्र कुमार, रमाशंकर तिवारी, नौशाद अली भारतीय, संतोष कुमार शुक्ला, देवनाथ पाल, रामबली द्विवेदी इत्यादि शामिल रहे। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में किसान यूनियन ने कहा कि तीनों कानून और किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और एनएसपी पर गारंटी कानून न बनाने तक किसान संघर्ष रत रहेंगे।
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इनसेट
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मंडलीय किसान यूनियन का भी आंदोलन
बांदा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की चित्रकूटधाम मंडल इकाई ने भी किसान कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन में भाग लिया। साथ ही प्रशासन के जरिए प्रधानमंत्री को 5 सूत्रीय ज्ञापन भेजा। कृषि कानूनों की वापसी, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत प्रतिशत खरीद, एमएससी से कम खरीद को अपराध, किसानों के मुकदमों की वापसी, बुंदेलखंड के किसानों की कर्जमाफी की मांगे की गईं। मंडल सचिव ब्रजेश सिंह सहित राजाबाई, मइयादीन सिंह, विनोद कुमार सिंह, अवधेश सिंह पटेल, चंद्रभान सिंह परिहार, अनीता सिंह, ध्रुव सिंह तोमर, अजीत पटेल, कृष्ण कुमार सिंह, इंद्रपाल इत्यादि शामिल रहे।
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