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Banda News: माइग्रेन के चलते महिला बंदी रक्षक ने जहर खाकर दी जान

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फोटो - 36 भारती। स्त्रोत : इंटरनेट मीडिया
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बांदा। मंडल कारागार बांदा में तैनात महिला बंदी रक्षक ने माइग्रेन की वजह से मंगलवार को जहर खाकर जान दी है। परिजन के अनुसार चार साल से बेटी माइग्रेन की समस्या से जूझ रही थी। उसका झांसी में इलाज चल रहा था। आठ दिन पहले ही वह झांसी से इलाज कराकर ड्यूटी में लौटी थी।
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झांसी जनपद के शिवाजी नगर डरिया पुरवा नारायण बाग निवासी महिला बंदी रक्षक भारती पाल (30) ने सरकारी आवास पर जहर खा लिया था। साथी बंदी रक्षक प्रभात ड्यूटी पूरी करके मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे अपने आवास में पहुंचा तो बगल में भारती अपने आवास में उल्टियां कर रहीं थीं। यह देखकर उसने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और साथी बंदी रक्षकों के साथ भारती को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। झांसी से बांदा आए भारती के पिता लखन लाल पाल ने बताया कि वह वर्ष 2021 से मंडल कारागार बांदा में तैनात थी। उसकी यहां पहली पोस्टिंग थी। वह अपने सरकारी आवास में अकेली रहती थी।
पिता के मुताबिक भारती को चार साल से माइग्रेन की समस्या थी। उसका इलाज झांसी में चल रहा था। उन्होंने अंदेशा जताया कि माइग्रेन की वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। वह तीन बहनों में बड़ी दो भाइयों में छोटी थी। घर में मां मैदा देवी हैं। भारती अविवाहित थी। पिता ने किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया है।
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उधर जेलर आलोक कुमार ने बताया कि भारती पाल की रात में महिला बैरक में ड्यूटी थी। वह नाइट शिफ्ट करने के बाद मंगलवार सुबह अपने आवास पहुंची थी। दिन में मोबाइल ऑफ था। इस बीच उन्होंने घटना को अंजाम दिया है। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। उसके पिता माइग्रेन की समस्या बता रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
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