बांदा। शहर के गुलाब बाग वार्ड में गिलहरी चढ़ने से 11 हजार केवी लाइन तेज धमाके के साथ ध्वस्त हो गई। इससे करीब चार मोहल्लों की 20 हजार की आबादी छह घंटे बिजली को मोहताज रही। उधर, 72 घंटे के अंदर 12 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों का धुआं निकल गया। इससे शहर व गांवों की आबादी बिना बिजली उमस भरी गर्मी में बेहाल रही। पांच दिन पूर्व आई आंधी व पानी में टूटे तार व पोल न सुधरने से दस गांवों में अभी बिजली नहीं पहुंची।
पांच दिन पहले 47 डिग्री पहुंचे तापमान ने जनपद को देश का सर्वाधिक गर्म जिले होने का रिकॉर्ड बना था। इसके बाद मौसम मेहरबान हुआ और तेज आंधी और बारिश ने गर्मी से राहत दी, पर बिजली की हालत और खराब हो गई। तब से अभी तक शहर व गांवों की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी।
अब इधर दो दिनों से मौसम में नमी होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों का पसीना छुड़ा रही है। वहीं बिजली की आवाजाही से जिलेवासियों का पसीना नहीं सूख रहा है। सोमवार को सुबह छह बजे लोग पेयजल आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच गुलाब बाग में 11 हजार की लाइन में गिलहरी चढ़ी तो तेज आवाज के साथ तार टूटकर नीचे आ गिरा। इससे गुलाबबाग, खाईंपार, अतर्रा चुंगी, सेढ़ू तलैया, अलीगंज की बिजली गुल हो गई। लोग इंतजार करते रहे और पानी भी चला गया, पर बिजली नहीं आई। शिकायत पर पीलीकोठी से बिजली की टीम पहुंची और लाइन दुरुस्त की, लेकिन तब तक छह घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ा। वहीं भूरागढ़ व तुलसीनगर से जुड़े वार्डों में कहीं लो वोल्टेज तो कहीं फाल्ट के चलते उपभोक्ता पूरी रात परेशान रहे। शहर के निम्नीपार, खुटला, क्योटरा, कटरा, कंचन पुरवा, मर्दननाका, रहुनिया आदि मोहल्लों में दिन में भी पूरे दिन बिजली का आना-जाना लगा रहा। उधर, ओवरलोड होने के कारण ट्रांसफार्मर गर्म होकर जल रहे हैं। पिछले 72 घंटे में 12 से ज्यादा ट्रांसफार्मरों में धुआं निकल गया। इससे शहर व आसपास के 30 से ज्यादा गांवों की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी रही।
दस गांवों में पांच दिन बाद भी बहाल नहीं हुई बिजली
बांदा। जिले में पिछले बुधवार को रात में तेज आंधी और बारिश से जनपद भर में 100 से ज्यादा विद्युत पोल उखड़ गए या फिर टूट गए। कई जगह पेड़ की डाल गिरने से लाइन भी टूटी थी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने 90 गांवों में तो बिजली के तार व पोल बदल दिए और लाइन चालू करा दी, पर अभी दस गांव अंधेरे में हैं। इनमें शहर से जुड़ा बड़ोखर खुर्द गांव भी शामिल है। महुआ, रेउना, कुरौली, बिलगांव, दुरेड़ी, चटचटगन, बरेदी पुरवा आदि में अभी भी पोल बदले न तार दुरुस्त हुए।
वर्जन-
-गर्मी में बिजली की खपत बढ़ी है। ओवरलोड हो रहे ट्रांसफार्मरों की जांच कर उनका लगातार लोड बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिन गांवों में लाइन दुरुस्त नहीं है,वहां टीमें लगाई गई हैं। काम किया जा रहा है। -राजीव रंजन, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, बांदा।