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आधा घंटा रेलवे ट्रैक पर कब्जा किए रहे किसान

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Farmers occupying the railway track for half an hour - फोटो : BANDA
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बांदा। तीन कृषि कानूनों को वापस लेने और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी की मांग लेकर किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। बुंदेलखंड किसान यूनियन बैनर तले किसान लगभग आधा घंटा तक रेल पटरी पर कब्जा किए रहे। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ट्रैक खाली किया। हालांकि पूर्व घोषित आंदोलन के तहत पुलिस सतर्क रही। अधिकांश किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया था।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन तय था। लेकिन पुलिस के सख्त रूख से किसान नेता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं कर सके। अलबत्ता बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा की अगुवाई में किसानों ने संकट मोचन मंदिर के सामने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमा लिया। आधा घंटा तक रेल पटरी पर बैठकर विरोध जताया। हालांकि उस वक्त कोई ट्रेन नहीं रही। लखीमपुर खीरी घटना की निंदा करते हुए गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।
प्रशासन और पुलिस के समझाने पर किसान नेता ट्रैक छोड़कर जहीर क्लब मैदान आ गए और ज्ञापन दिया। उधर, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। पुलिस उन्हें उनके घर पर नजरबंद किए थी।
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पांच सूत्री ज्ञापन में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी, तीन कृषि कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसानों को कर्ज मुक्त और बिजली मुफ्त आदि मांगें शामिल रहीं। उधर, तय कार्यक्रम के तहत पुलिस हरेक प्रमुख चौराहे में सतर्क रही। लेकिन ज्यादातर बड़े किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिए जाने से आंदोलन कोई खास गुल नहीं खिला सका।
लखीमपुर खीरी मामले में बुंदेलखंड के किसान संगठनों द्वारा रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर पुलिस खासी सक्रिय रही। रेलवे स्टेशन में सुबह से ही पुलिस ने डेरा जमा लिया था। बदौसा थानाध्यक्ष अकरम भारी पुलिस बल के साथ डटे रहे। किसान रेल नहीं रोक सके। उधर, अतर्रा में भी पुलिस की सक्रियता से किसान संगठन रेल नहीं रोक सके। पुलिस ने किसान नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर रखा था।
भाकियू पदाधिकारी महेंद्र त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस आंदोलन को कुचलने के लिए सक्रिय थी। किसानों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। बुकियू महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अनूपा सिंह को भी पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। घर के बाहर पुलिस बल लगा रहा। किसान यूनियन पदाधिकारी श्रवण कुमार ने जरुहा चौकी के पास रेलवे टै्रक पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पुलिस को सौंपा।
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