अतर्रा/खुरहंड (बांदा)। सरकारी क्रय केंद्रों में धान की खरीद न होने से आक्रोशित किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे एक घंटे तक आवागमन ठप रहा। जाम में रोडवेज बसें व एंबुलेंस भी फंसी रहीं। एसडीएम और तहसीलदार ने किसानों को तौल कराने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया।
गुरुवार को सुबह खुरहंड में झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर किसानों ने जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि कड़ाके की ठंड में वह 8-8 दिनों से खरीद केंद्रों में डेरा डाले ठिठुर रहे हैं। धान की खरीद नहीं हो रही। रातभर जागकर धान को अन्ना पशुओं से बचाते हैं।
ट्रैक्टर ट्रॉली का किराया प्रतिदिन लग रहा है। लंबे इंतजार के बाद खरीद की बारी आती है तो केंद्र प्रभारी कोई न कोई कमी बताकर लौटा रहे हैं। मजबूरी में औने पौने दामों पर धान आढ़तियों को बेचना पड़ रहा है।
कुछ देर बाद जाम स्थल पर अतर्रा एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी और तहसीलदार विजय प्रताप सिंह तथा खुरहंड चौकी प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उनकी समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इस पर किसानों करीब एक घंटे बाद जाम खत्म कर दिया। भूरा यादव, चुनकावन, शैलेंद्र, पप्पू, राजू, बालेंद्र, राजा बाबू, अनिल मिश्रा, रिंकू तिवारी, दीपक, रोहित, गंगाचरन सहित तीन दर्जन से अधिक किसान मौजूद रहे।
दो माह में 31 फीसदी ही खरीद
जनपद में इस वर्ष 82700 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। पहली नंवबर से खरीद हो रही है। दो माह में 24,970 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। यह लक्ष्य का 31 फीसदी है। जब कि पिछले वर्ष 28 दिसंबर तक जनपद में करीब 30 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। डिप्टी आरएमओ सीपी पांडेय का कहना है कि वारिश होने से इस बार धान की फसल देर से तैयार हुई है। धान की खरीद फरवरी माह तक होनी है। शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।