बांदा। अतिवृष्टि से फसल बर्बाद होने से परेशान कर्जदार किसान ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बैंक और रिश्तेदारों का लगभग ढाई लाख रुपये कर्ज बताया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। जबकि पुलिस मानसिक रूप से बीमार बताकर अपना पल्ला झाड़ रही है।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मुंगौरा गांव निवासी संतोष सिंह (65) पुत्र नेपाल सिंह का शव शनिवार को शाम घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर महुआ के पेड़ में रस्सी के फंदे पर लटका मिला। एक राहगीर महिला ने शव देखकर परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने मुआयने के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के पुत्र नीलेश सिंह ने बताया कि पिता संतोष के नाम करीब 10 बीघा जमीन है। हाल में हुई बारिश से पूरी गेहूं की फसल खराब हो गई थी। जिस कारण नरैनी स्थित इलाहाबाद बैंक का लगभग दो लाख रुपये कर्ज है। इसके अलावा रबी फसल के लिए करीब 50 हजार रुपये रिश्तेदारों से कर्ज ले रखा था।
इसी वजह से वह तनाव में थे। शनिवार को दोपहर बिना बताए घर से निकल गए और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दूसरी तरफ कोतवाली पुलिस का कहना है कि संतोष मानसिक रूप से बीमार था। दो साल से इलाज चल रहा था, इसी कारण उसने आत्महत्या कर ली।
युवती फंदे पर झूली
बांदा। ससुराल में युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बिसंडा थाना क्षेत्र के परसेटा गांव में नफीसा (25) पत्नी अजीज खां का शनिवार को दोपहर कमरे में दुपट्टे के फंदे पर शव लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। जेठ जमाल खां ने बताया कि नफीसा मानसिक रूप से बीमार थी, उसका इलाज चल रहा था। कोई विवाद आदि नहीं हुआ। घटना के वक्त पति खेत में था। ससुराल के ठीक बगल में ही मायका है। मृतका के दादा सरदार खां ने बताया कि पांच साल पूर्व शादी हुई थी। एक पुत्री है। फिलहाल कोई आरोप नहीं लगाए। (संवाद)