फसल की बर्बादी से क्षुब्ध होकर वृद्ध किसान ने अपने ही खेत में फांसी लगा ली। वे तीन बीघा जमीन का काश्तकार थे। अबकी बार फसल दैवी आपदा की भेंट चढ़ जाने से परेशान रहते थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
नहरी गांव के मजरा कछियन पुरवा में गुरुवार को तड़के करीब 4 बजे किसान रामजियावन यादव (70) पुत्र भाऊ पानी लेकर घर से शौच के लिए जाने की बात कहकर निकले थे। कुछ देर बाद गांव के लोग उस तरफ से गुजरे तो रामजियावन का शव उसी के खेत में लगे पेड़ फंदे से पर लटका देखा।
रामजियावन ने अपनी साफी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। गांव वालों ने परिजनों को सूचना दी। घरवालों ने पुलिस और एसडीएम को खबर दी। मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि रामजियावन को 2500 रुपये का राहत चेक दिया गया था। उसकी भूमि असिंचित है।
उधर, कोतवाली प्रभारी केएन सिंह ने बताया कि मृतक की जेब से दवाएं मिली हैं। वह बीमार रहता था। शायद बीमारी से आजिज रामजियावन ने आत्महत्या की है। मृतक के पुत्र परमेश्वरी दयाल ने बताया कि इस वर्ष खेत में चना बोया था, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। बीज तक नहीं मिला। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है।