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बांदा : एमबीबीएस छात्रों ने दो लैब टेक्नीशियन को पीटा, घायल

Mon, 27 Sep 2021 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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मारपीट - फोटो : सोशल मीडिया
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चित्रकूटधाम मंडल के राजकीय मेडिकल कॉलेज में संचालित सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में धावा बोलकर एमबीबीएस छात्रों ने दो लैब टेक्नीशियन (एलटी) को बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। इस दौरान पैथोलाजी में तोड़फोड़ भी की। घायलों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सूचना दी और जिला अस्पताल में इलाज कराया। कोतवाली पुलिस को भी तहरीर दी है। प्रधानाचार्य ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

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पांडेय और जितेंद्र शुक्ला को बुरी तरह पीटकर लहूलुहान कर दिया
सोमवार को सुबह राजकीय मेडिकल कॉलेज में आउट सोर्सिंग पर संचालित सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में मरीजों के खून के नमूने लिए जा रहे थे। लगभग एक सैकड़ा मरीज अपनी बारी के इंतजार में लाइन में लगे थे, तभी आधा सैकड़ा से ज्यादा एमबीबीएस छात्र वहां पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। लैब टेक्नीशियन प्रवीण पांडेय और जितेंद्र शुक्ला को बुरी तरह पीटकर लहूलुहान कर दिया। घायलों का आरोप है कि दरवाजा तोड़कर एमबीबीएस छात्र अंदर घुस आए। कुर्सी इधर-उधर फेंकने से कई मरीजों की स्लाइड नष्ट हो गई।

 मारपीट और हंगामा से अन्य मरीजों में अफरातफरी मच गई
सूचना पर मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस पहुंच गई, लेकिन तब तक छात्र मारपीट कर जा चुके थे। घायलों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को घटना से अवगत कराने के बाद खुद जिला अस्पताल पहुंचे और अपना इलाज कराया। कोतवाली में जाकर तहरीर दी है। घायलों ने बताया कि एक एमबीबीएस छात्र पहले सैंपल लेकर जांच की जिद कर रहा था। उन्होंने भीड़ होने की बात कही तो बदसलूकी शुरू कर दी। धक्कामुक्की की। कुछ देर बाद कई छात्रों को लेकर आ गया। मारपीट और हंगामा से अन्य मरीजों में अफरातफरी मच गई थी।
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कांच लगने से दो एमबीबीएस छात्र भी जख्मी हो गए
बताया जा रहा कि मारपीट में कांच लगने से दो एमबीबीएस छात्र भी जख्मी हो गए हैं। उनका मेडिकल कालेज में इलाज हुआ। हालांकि, उनके नाम बताने से कालेज प्रशासन कन्नी काटता रहा। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मारपीट की जानकारी है। जांच के लिए पुलिस भेजी गई थी। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसके पूर्व भी एमबीबीएस छात्रों ने आवास में घुसकर सुपरवाइजर हर्षित के साथ मारपीट की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पैथोलॉजी के एलटी को हटाया गया
मारपीट की घटना को गंभीरता से लिया गया है। पांच डाक्टरों की जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें सेंट्रल पैथोलॉजी के प्रभारी और मेडिसिन विभाग के डाक्टर शामिल हैं। एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

आउट सोर्सिंग के संचालित पैथोलॉजी के दोनों कर्मियों का व्यवहार अच्छा नहीं है। मरीजों के साथ भी सलीके से पेश नहीं आते हैं। कई बार शिकायतें मिलने पर कंपनी के अधिकारियों को अवगत भी कराया गया। घटना के बाद कंपनी ने एक लैब टेक्नीशियन की सेवा समाप्त कर दी है।

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-डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज

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