बांदा। स्थापना के 50 वर्षों बाद भी मंडल मुख्यालय का औद्योगिक आस्थान उद्योगों से आबाद नहीं हो सका। इक्का-दुक्का साधारण उद्योगों को छोड़कर ज्यादातर आवंटित प्लाटों की घेराबंदी है। यहां उद्योगों की स्थापना में बिजली, पानी, सड़क सुरक्षा आदि बुनियादी समस्याएं रोड़ा हैं। लगभग हर माह होने वाली उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमी यह मुद्दा उठाते हैं। मंडल मुख्यालय के बाद भी अब तक उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) कार्यालय नहीं है। उद्यमियों को प्रयागराज स्थित कार्यालय में दस्तक देनी पड़ती है।
फोटो परिचय-8-संतोष गुप्ता।
पिछली उद्योग बंधु की बैठक 29 नवंबर को हुई थी। भूरागढ़ स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में पानी, बिजली, जल निकासी, रोशनी आदि की समस्याएं रखी गई थीं, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। पूर्व की बैठकों में भी यही मांग की जाती रही है। कमोवेश यही स्थिति पुलिस लाइन स्थित औद्योगिक आस्थान की है। यहां नालियां टूटी पड़ी हैं।
- संतोष गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष, व्यापार मंडल
फोटो परिचय-9-मनोज जैन
इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना के लिए 200 किलोवाट का बिजली कनेक्शन लेना है, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कनेक्शन नहीं हो रहा। यूपीएसआईडीसी की क्षेत्रीय शाखा बांदा में खोलने की मांग भी लगातार की जा रही हैं। बैठकें सार्थक नहीं हो पा रहीं।
- मनोज जैन, उद्योग बंधु सदस्य
फोटो परिचय-10-अमित सेठ भोलू
लघु उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे ऋण में बैंक आड़े आ रहे, इसलिए उद्योग स्थापना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। बैंकों में बड़ी संख्या में उद्यमियों और व्यापारियों की फाइलें लंबित हैं। उन्हें स्वीकृति नहीं दी जा रही है। हर बार बैठक में यह बात उठती है।
- अमित सेठ भोलू, उद्योग बंधु सदस्य
उद्योग बंधु की बैठक में व्यापारियों की जो भी समस्याएं सामने आई हैं, उनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को लिखा गया है। जल निगम ने अमृत योजना से इंडस्ट्रियल एरिया में पानी की टंकी बनवाने का आश्वासन दिया है। ऑक्सीजन प्लांट के संबंध में अवगत कराया गया कि एस्टीमेट के मुताबिक धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है।
- मो. जहीरुद्दीन सिद्दीकी, उपायुक्त (उद्योग), बांदा।