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विश्राम गृह में बिजली कंपनी कर्मचारी, किसान खुले में झेल रहे सर्दी

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Electricity company employees in the rest house, farmers are facing winter in the open - फोटो : BANDA
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बांदा। खरीद केंद्रों पर किसानों को सरकारी सुविधाओं के पीटे जा रहे ढिंढोरे की असली तस्वीर मंडल मुख्यालय स्थित मंडी समिति परिसर के खरीद केंद्रों पर नजर आ रही है। यहां किसानों के लिए बनाए गए कृषक विश्राम गृह में प्राइवेट बिजली कर्मियों का कब्जा है। धान बेचने आए किसान सर्दीली रातों में ट्रालियों के ऊपर और पेड़ तले रात बिता रहे हैं।
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मंडी समिति आने वाले किसानों के लिए शासन ने विश्राम गृह बनवा रखे हैं। इनमें बिस्तर, पानी, रोशनी आदि के इंतजाम की जिम्मेदारी मंडी समिति प्रशासन पर है। मौजूदा में चल रही धान खरीद में रोजाना बड़ी संख्या में किसान यहां आ रहे हैं। खरीद के इंतजार में कई-कई दिन यहां बिता रहे हैं। उनके नाम पर बनाए गए विश्राम गृह में लखनऊ की एक इलेक्ट्रिक कंपनी के कर्मचारी आराम फरमा रहे रहे हैं। ये कर्मी मंडी समिति की दुकानों में इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने का काम लिए हैं।
रविवार को मंडी समिति में डेरा डाले धान किसान कृष्ण पाल (बिलगांव) ने बताया कि एक हफ्ते से बारी के इंतजार में दिन-रात यहीं गुजार रहे हैं। ट्राली या पेड़ों के नीचे रात बिता रहे हैं। किसान हरिओम (जारी) ने बताया कि नाममात्र को खरीद हो रही है।
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उधर, मंडी स्थित विपणन शाखा केंद्र प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि मिलर्स का रजिस्ट्रेशन न होने से धान की उठान नहीं हो पा रही है। गोदामों में जगह नहीं बची है। ऐसे में फिलहाल एक ट्राली धान की खरीद की जा रही है।
उधर, किसान विश्राम गृह में बिजली कर्मियों के कब्जे के बाबत मंडी समिति सचिव प्रदीप रंजन का कहना है कि विश्राम गृह में रुकने के लिए कोई किसान उनके पास नहीं आया है। बिजली कर्मी कुछ दिन के लिए आए हैं, इसलिए उन्हें वहां रोका गया है। किसानों की व्यवस्था कराई जाएगी। रात में अलाव की भी व्यवस्था होगी।

Electricity company employees in the rest house, farmers are facing winter in the open- फोटो : BANDA

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