अतर्रा तहसील में समाधान दिवस में शिकायतें सुनतीं डीएम जे रीभा।
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संवाद न्यूज एजेंसी अतर्रा (बांदा)। नई जिलाधिकारी जे रीभा के तेवर पहले ही समाधान दिवस में देख अफसरों के सर्दी में भी पसीना छूट गया। साढ़े दस बजे के बाद समाधान दिवस में पहुंचे सीएमओ व प्रोवेशन अधिकारी सहित 15 अफसरों को ‘आउट’ कर दिया।
वह एसडीएम कक्ष में बैठे रहे। इनका एक दिन का वेतन रोक दिया। अनुपस्थित 24 अफसरों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने मौके पर 51 शिकायतें सुनीं और पांच का मौके पर निस्तारण कराया। पीएम आवास में गड़बड़ी पर सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी जे रीभा सोमवार को जिला स्तरीय समाधान दिवस में अतर्रा निर्धारित समय से पांच मिनट पहले पहुंच गईं। समाधान दिवस में आए अफसरों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। पता चला आधे से ज्यादा जिलास्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचे हैं।
इसके बाद सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए प्रवीणानंद, डीसी मनरेगा, उपायुक्त एनआरएलएम भइयनराम, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अरविंद पांडेय सहित अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, पीओ डूडा अंकित वर्मा, अधिशाषी अभियंता जल निगम, विद्युत, सिंचाई, जिला उद्यान अधिकारी आदि 15 अधिकारी क्रमवार सभागार में दाखिल होने लगे। डीएम जे रीभा ने उन्हें बाहर कर दिया और एक दिन अनुपस्थित मानते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। सभी अधिकारी एसडीएम कार्यालय में बैठ गए। चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अनुपस्थित कुल 24 अधिकारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।