बीडीए ने नोटिस में यह कहा
प्राधिकरण सचिव ने नोटिस में कहा है कि प्रजापति 7 अप्रैल को खुद प्राधिकरण में उपस्थित हों और स्पष्टीकरण दें। क्यों न उनका अवैध निर्माण गिरा देने का आदेश दिया जाए? नोटिस में उत्तर प्रदेश अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1973 का हवाला देकर यह भी कहा गया है कि 50 हजार रुपये तक जुर्माना और प्रथम दोष सिद्ध होने पर 2500 रुपये रोज की दर से जुर्माना हो सकता है।
गौरतलब है कि बृजेश प्रजापति पांच वर्ष तक भाजपा के विधायक रहे। वह स्वामी प्रसाद मौर्य खेमे के हैं। मौर्य के सपा में शामिल होने पर वह भी सपा में शामिल हो गए। उन्हें तिंदवारी सीट से ही सपा का टिकट भी मिल गया। भाजपा प्रत्याशी रामकेश निषाद यहां से विजयी हुए। चर्चा है कि प्राधिकरण का नोटिस भाजपा से बगावत के कारण जारी हुआ है।
पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति
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बृजेश प्रजापति बोले- दबाव में नहीं आउंगा, मकान वैध है
बृजेश प्रजापति ने कहा कि उनका मकान वर्ष 2009 से बना है। वह पूरा हाउस टैक्स जमा करते हैं। बिजली का कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि अब 13 वर्षों बाद इस मकान को अवैध निर्माण बताया जाना हर बुद्धिजीवी और आम आदमी खूब समझ रहा है कि इसके पीछे क्या वजह है। उन्होंने भाजपा छोड़ी तो उसी का बदला लिया जा रहा है। वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। उनका मकान वैध है।