अतर्रा। एक माह से लगातार ग्रामीण इलाकों में विद्युत व्यवस्था में सुधार न होने पर रविवार को ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि अफसर शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। उमस भरी गर्मी में बिजली न होने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि गांव में तैनात बिजली विभाग का कर्मी लाइन ठीक करने के नाम पर रुपये की मांग करता है।
अतर्रा ग्रामीण के मजरा चौरिहन पुरवा, भुजियारी पुरवा, अरखन पुरवा, बस्तरा तालाब सहित एक दर्जन से अधिक मजरों पर विद्युत व्यवस्था ध्वस्त है। ग्रामीण उमस भरी गर्मी में परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मियों से समस्या बताई। अधिकारियों द्वारा समस्या न सुने जाने पर उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांवों की बिजली पूरी तरह से ध्वस्त रहती है। सरकार द्वारा 20 घंटे बिजली दिए जाने की घोषणा भी हवा-हवाई साबित हो रही है। फाल्ट और ट्रिपिंग के नाम पर आधे दिन से ज्यादा बिजली गुल रहती है।
बताया कि उमस भरी गर्मी में बिजली न होने की वजह से घर में रखे बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। घर में छोटे बच्चों सहित महिलाएं गर्मी में बिलबिला उठे हैं। आरोप लगाया कि गांव में तैनात लाइनमैन खराब बिजली लाइन बनाने के नाम पर रुपये मांगता है।
गांव के सूरज, सत्यम, शिवगोपाल, शंभू, संतोष, अंबरीष, कालीचरण, कल्लू प्रजापति, रामनरेश, नारायण, अनिल, रामहित, मनोज, पिंकू, अखिलेश, राजू और संजय सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने गांव की बदहाल बिजली व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है। एक सप्ताह में खराब बिजली व्यवस्था सुधार न होने पर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।