बांदा। बुंदेलखंड से पलायन रोकने और पंजीकृत मजदूरों को 200 दिन काम की गारंटी व 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी आदि मांग लेकर असंगठित मजदूर मोर्चा ने ज्ञापन दिया। यह मुख्यमंत्री को संबोधित था। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पलायन रोककर स्थानीय स्तर पर मजदूरों को रोजगार मुहैया कराया जाए।
शुक्रवार को मोर्चा बैनर तले पदाधिकारियों और मजदूरों ने प्रदर्शन किया। जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और डिप्टी कलक्टर को ज्ञापन 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें मजदूरों को कुछेक पत्थर खदान लीज पर देने, पाठा पेयजल योजना चालू करने, चित्रकूट में बरगढ़ ग्लास फैक्ट्री व बांदा की कताई मिल शुरू करने, अतर्रा व बांदा में सरकार द्वारा राइस मिल चालू करने, मनरेगा मजदूरों को काम दिलाने, अकबरपुर (चित्रकूट) ग्राम पंचायत आदिवासियों को बुनियादी सुविधाएं, मशीनीकरण पर रोक लगाकर मजदूरों को काम मुहैया कराने, श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को सरकारी सुविधाओं का लाभ और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित करने आदि मांगें शामिल रहीं।
बाल व बंधुआ मजदूरी और महिला उत्पीड़न पर लगाम लगाने की भी मांग की। मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों को पुनर्वास सुविधा न मिलने पर रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन व ज्ञापन की अगुवाई उपाध्यक्ष प्रमोद आजाद ने की। इस अवसर पर ज्ञानेश्वर प्रसाद, वर्षा गुप्ता, रामरती, कुंती देवी, प्रीति देवी वर्मा, सुमन, शिवकुमार, विमल, नाथूराम, विजलेश, अखिलेश, ओमप्रकाश, सुरेश, अर्जुन, इंद्रजीत, मातादीन, राममिलन, संतोष कुमार वर्मा, रामप्रवेश यादव, हेमराज कबीर आदि उपस्थित रहे।