बांदा। पिता के इलाज कराकर घर लौटने के कुछ ही देर बाद बेटी ने जहर खा लिया। परिजनाें ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। मंगलवार की देर शाम उसकी माैत हो गई। पिता के मुताबिक, मरने से पहले उनकी बेटी ने वजह नहीं बताई। बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव निवासी फकीरा ने बताया कि हादसे की वजह से उसके पैर में पस पड़ गई थी। वह रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। जांच रिपोर्ट आने में समय लगने पर साेमवार को डॉक्टर से छुट्टी कराकर बहन बबेरू निवासी गठिया की पौत्री की शादी में चीकट का सामान खरीदकर घर पहुंचे। बेटी गायत्री (17) खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। इस बीच कुछ रिश्तेदार भी आ गए।
इसी दौरान गायत्री ने जहर खा लिया। उल्टी होने पर उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार की शाम उसने दम तोड़ दिया। पिता के मुताबिक, मरने से पहले कई बार उसने गायत्री से पूछा कि किस कारण जहर खाया, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बताया।
बताया कि वह खेती किसानी करते हैं। 11 बीघा जमीन है। दो बहन और दो भाइयों में गायत्री सबसे बड़ी थी। घर में मां रानी हैं। बिसंडा थानाध्यक्ष कौशल सिंह ने बताया कि जहर खाने से मौत हुई है। परिजन कारण नहीं बता सके।