बुधवार को भी कलेक्ट्रेट परिसर किसानों को मुआवजे की मांगों से गूंजता रहा। मटौंध में किसानों ने रोष जताया कि बचीखुची फसल वनरोजों के झुंड तबाह कर रहे हैं।
बुंदेलखंड नव निर्माण सेना जिलाध्यक्ष राहुल अवस्थी के नेतृत्व में डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। इसमें 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा, बिजली की बढ़ी दरों की वापसी, सिंचाई के लिए 20 घंटे बिजली आदि मांगें शामिल हैं।
रवि श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह गौतम, राजेंद्र सिंह राजपूत, फैजान अली वारसी, मोहम्मद साजिद, कौशल किशोर गुप्ता, संदीप त्रिपाठी, जीशान, शैलेश कुमार, श्याम प्रजापति,अजीत सिंह, संजय कुमार आदि शामिल रहे।
उधर, मटौंध में बारिश से अनिल सिंह की 55 बीघा, ज्ञान सिंह की 45, नन्हे कुशवाहा की 40, जयंद सिंह की 105, कामता सिंह उर्फ मुन्ना भइया की 90 बीघा में बोई मटर, मसूर, चना, अलसी, गेहूं आदि फसलें चौपट हो गईं। अनिल सिंह, योगेंद्र सिंह, रमाकांत तिवारी, जगदेव सिंह, छेदीलाल रैकवार ने रोष जताया कि बची-खुची फसल वनरोज सफाचट कर रहे हैं।
खप्टिहा कलां प्रतिनिधि के मुताबिक. लाखन, राजेंद्र, मनोज, अशोक, रमाकांत, लखन, कुलदीप, राजेंद्र, आशादीन आदि ने बताया कि बारिश से 50 फीसदी से ज्यादा फसल बेकार हो गई। शीघ्र सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। उधर, मथना खेड़ा व बिसंडी खुर्द के किसानों ने भी डीएम को ज्ञापन देकर सर्वे कराने और मुआवजे की मांग की।