फसल सूखने और कर्ज से परेशान किसान ने जहर खाकर जान
दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। एक दिन पहले कालिंजर क्षेत्र
में एक किसान की सदमे से मौत हो गई थी। इसी सप्ताह पपरेंदा गांव का किसान
फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुका है।
पैलानी थाना क्षेत्र के पचकौरी
गांव निवासी बाबू सिंह (68) पुत्र झोती सिंह मंगलवार को शाम खेत गया था।
ज्वार, अरहर और तिल की फसल सूखी देखकर वह तनाव में आ गया।
रात को
बिना खाए मवेशी बाड़े में लेट गया। बुधवार को तड़के घर वाले उसकी हालत खराब
देख जिला अस्पताल लाए। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। डाक्टरों ने मौत
की वजह जहर खाना बताया है।
मृतक के पुत्र रामराज सिंह ने बताया कि
वह चार भाई हैं। पिता के नाम 40 बीघा जमीन है। फसल बर्बाद होने से गुजारा
का कोई जरिया नहीं है। मृतक के नाम इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पैलानी 1.15
लाख और साहूकारों का 1.25 लाख रुपये कर्ज था।
मौत की वजह फसल की
बर्बादी और कर्ज से परेशान होना बताया। एसडीएम पैलानी डा.सीएल सोनकर से
संपर्क करने पर उनका फोन पहुंच से बाहर बताता रहा। गौरतलब है कि मंगलवार को
नरैनी तहसील के छितैनी गांव के किसान जागेश्वर की सदमे से मौत हो गई थी।
चार दिन पहले पपरेंदा गांव के किसान जय सिंह यादव ने फांसी लगाकर जान दे दी
थी।