अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। एडीओ पंचायत के पास मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए लखनऊ भेजने की तैयारी है। मृतक के पुत्र पवन कुमार की तहरीर पर सुसाइड नोट में दर्ज चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। फोरेंसिक टीम के सहारे पुलिस आत्महत्या की वजह तलाशने में जुट गई। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
कमासिन ब्लाक के सहायक खंड विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत ने शुक्रवार की रात सरकारी आवास में फांसी लगाकर खुदखुशी कर ली थी। घटनास्थल पर मिला सुसाइड नोट जिलाधिकारी को संबोधित है।
इसमें लिखा है कि सहकारी समिति चुनाव की मतदाता सूची में फर्जी नाम बढ़वाने के लिए उनकों धमकाया जा रहा है। मृतक एडीओ के पुत्र पवन कुमार ने सुसाइड नोट के आधार पर दबाव बनाने वाले चार आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस सुसाइड नोट को एक्सपर्ट जांच के लिए लखनऊ भेजने की तैयारी में है।
कमासिन थाना के एसआई अनुरुद्ध कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र पवन कुमार की तहरीर पर कमासिन कस्बा निवासी सुशील कुमार पुत्र लाखन प्रसाद, मुसीवां गांव का राकेश पुत्र जागेश्वर, पछौंहा निवासी कृष्णदेव पुत्र कपिलदेव व पन्नाह गांव के अंजनी कुमार के खिलाफ धारा 306 व 506 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। विवेचना की जा रही है। सुसाइड नोट की सत्यता एक्सपर्ट की जांच रिपोर्ट आने के बाद सामने आ सकेगी।
पुलिस को नहीं मिला, पुत्र ने सौंपा सुसाइड नोट
बांदा। ब्लाक स्तरीय अधिकारी की आत्महत्या और जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन किसी को सुसाइड नोट नहीं मिला। घटना के लगभग 10 घंटे बाद मृतक के पुत्र ने पुलिस को सुसाइड नोट सौंपा।
शनिवार को सुबह एडीओ की आत्महत्या की जानकारी पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंंह, एसपी शालिनी, अपर एसपी लालभरत कुमार पाल, क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार गुप्ता की मौजूदगी में थानाध्यक्ष राकेश पांडेय ने घटनास्थल के आसपास छानबीन की। दिनभर पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला।
विवेचनाधिकारी एसआई अनुरुद्ध कुमार का कहना है कि शाम को मृतक एडीओ का पुत्र पवन कुमार ने तहरीर के साथ सुसाइड नोट दिया था। थानाध्यक्ष राकेश पांडेय शनिवार को सुबह माघ मेला ड्यूटी पर चले गए।
जांच के लिए भेजा जाएगा एडीओ से मिला सुसाइड नोट
पत्र में फर्जी नाम बढ़वाने को दबाव डालने का है आरोप
पुलिस आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटी
एक्सपर्ट जांच को लखनऊ भेजा रहा पत्र