कोरोना वॉरियर्स... इन दो शब्दों की खातिर अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर डाक्टर, नर्सें व अन्य स्वास्थ्यकर्मी संक्रमितों की सेवा में जुटे हैं। फर्ज के सामने घर-परिवार छोड़े हैं। इन कोरोना योद्धाओं के लिए वह क्षण सबसे ज्यादा खुशियों वाला होता है जब उनकी देखभाल से कोई मरीज स्वस्थ होकर घर जाता है। पॉजिटिव मरीजों की देखभाल से कुछ वॉरियर्स भी संक्रमित हुए। उनका परिवार भी पॉजिटिव हो गया, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। कोरोना को मात दी और फिर संक्रमित मरीजों के बीच आकर फर्ज में डट गए। कुछ लोग आपबीती के बाद सेवा में जुट गए। कोरोना योद्धाओं ने कुछ यूं बयां की अपने मन की बात...
मरीजों की सेवा सबसे बड़ा फर्ज
वंदना चौहान, स्टाफ नर्स, बांदा
दो साल के एकलौते बेटे से न मिलने का दर्द है, पर कोरोना संकट में मरीजों की देखभाल सबसे बड़ा फर्ज है। वंदना ने बताया कि कोरोना मरीजों की देखभाल में वह संक्रमित हो गईं। साथ में उनके बेटा और पति भी पॉजिटिव हो गए। बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा फिक्र थी। मरीजों की सेवा का अनुभव काम आया और उन्होंने खुद पति और बेटे की देखभाल शुरू कर दी। 14 दिन बाद सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। मानती हैं कि सच्ची सेवा और कर्तव्य निष्ठा से प्रभु ने परिवार को सेहतमंद कर दिया।
मरीज के स्वस्थ होने पर मिलती है खुशी
गायत्री यादव, बांदा
मरीजों की सेवा करके परिवार से बिछड़ने का दुख दूर कर रही हैं गायत्री। उनके लिए वह क्षण खुशियों से भरा होता है, जब उनकी देखभाल से कोई मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होता है। यह कहना है कि मेडिकल कालेज की स्टाफ नर्स और अर्जुनाह गांव की रहने वाली गायत्री यादव का। बताया कि संकट की इस घड़ी में परिवार से बढ़कर कर्तव्य है। परिवार और बच्चों से दूर रहने का दुख है, पर मरीजों की सेवा से उस दुख को खुशी में बदल रही हैं। हर रोज वीडियो कॉल से परिवार और बच्चों से बात कर उन्हें कोरोना से बचाव के लिए समझाती हैं।
कोरोना से लड़ने के लिए भर रहे हैं सकारात्मकता
डॉ. पुनीत सिंह, जम्मू
रामबन जिंले के बटोत में कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. पुनीत सिंह कोविड से संक्रमित लोगों में कोरोना से लड़ने के लिए सकारात्मकता का भाव पैदा कर रहे हैं। कोविड संक्रमित और होम आइसोलेटेड लोगों से प्रतिदिन फोन पर बात कर उन्हें इसे वायरस को हराने के लिए जागरूक करते हैं। डॉ. पुनीत सिंह का परिवार जम्मू में है। इन मुश्किल हालात में परिवार से दूर लोगों की सेवा में जुटे पुनीत कहते हैं अप्रैल के बाद से काफी काम बढ़ा है। सुबह आठ बजे शिफ्ट शुरू होती है, जो कई बार आधी रात तक भी चलती है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना मेरे लिए प्रेरणा है।
डॉक्टर की सलाह पर ही करें सीटी स्कैन
मनोहर गुप्ता, उधमपुर
कोविड के इस निराशा भरे माहौल में कई नायक नई आशा लेकर आए हैं। ऐसे ही एक नायक हैं उधमपुर जिला अस्पताल के सीटी स्कैन सेक्शन में तकनीशियन मनोहर गुप्ता। जिले में जैसे-जैसे कोविड संक्रमित बढ़ा तो उसका का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन मुख्य केंद्र बना गया। अपनी नई भूमिका के बारे में मनोहर गुप्ता ने कहा कि वह बीमारी की गंभीरता से अवगत हैं, और इसलिए वह हमेशा यह सुनिश्चित करते हैं कि वह सभी सावधानियां बरतें। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, उनका अनुभाग यह सुनिश्चित करता है कि रिपोर्ट मरीजों को समय पर भेजी जाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे मामले हैं जहां पूरा परिवार संक्रमित है, तो हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं कि उन्हें व्हाट्सएप पर ही रिपोर्ट भेजी जाए। सीटी स्कैन के बारे में कहते हैं कि यह केवल डॉक्टर की सलाह पर किया जाना चाहिए।
दूसरों की सेवा अब है धर्म
आरशी, सहारनपुर
कोरोना काल में शाहजहांपुर की आरशी लोगों की मदद ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाकर करती हैं। वे कहती हैं कि जब पिता बीमार थे तो उनके लिए ऑक्सीजन सिलिंडर पाने की खातिर बहुत परेशान हुए लेकिन अब मैं लोगों की मदद कर रही हूं क्योंकि सरकार का प्रयास नाकाफी है। मैं अपने पैसों से ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाती हूं। होम आइसोलेशन में रहने वालों को सरकार ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं पहुंचाती। मैं इसीलिए जरूरतमंदों की मदद कर रही हूं।