बांदा। आजीवन कारावास की सजा के दोषी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर गांव पहुंचकर पीड़ित को धमकाया। अपहरण के मुकदमे को वापस लेने की धमकी दी। पीड़ित ने तीन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मरका थाना क्षेत्र के औगासी गांव निवासी अमर सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसके पुत्र जीतेंद्र सिंह की हत्या और पत्नी गुलबदन को जलाकर मार डालने के दोषी गांव के विजय तिवारी व विक्रम निषाद को सेशन न्यायालय से 30 सिंतबर 2019 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी, हाईकोर्ट में अपील खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर छूटे हैं। 20 दिसंबर 2025 को दोनों ने उसके दरवाजे आकर अपहरण के मुकदमे में सुलहनामा करने की बात कही।
कहा कि जिस तरह से पत्नी की जलाकर हत्या कर दी थी, उसी तरह से उसकी भी कर देंगे। जिस पर पीड़ित ने मरका थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 21 जनवरी को शाम सात बजे करीब विजय तिवारी, अनुज तिवारी और विक्रम निषाद ने कहा कि लड़के अपहरण में मुकदमे की चार फरवरी तारीख लगी है। उसमें सुलहनामा कर लो। पांच लाख की मांग करने लगे। उसकी बहू को पकड़ लिया। बहू के चिल्लाने पर तीनों भाग निकले। पीड़ित की तहरीर पर मरका थाने में तीन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।