बांदा। ईंट भट्ठों में कांट्रेक्ट पर मजदूरों को भेजने वाले युवा ठेकेदार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे गांव के ठेकेदार द्वारा बेईमानी कर एक लाख रुपये हड़प लेने की बात कही जा रही है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के हथौरा गांव का बाबूराम वर्मा (35) पुत्र मैकू कोसी कलां (मथुरा) में परिवार के साथ रहकर ईंट पथाई करता था। साथ ही भट्ठे के लिए मजदूर ले जाने का ठेका भी लेता था। बुधवार रात उसने पैतृक गांव हथौरा में घर में कमरा बंद कर खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। परिजन दरवाजे तोड़कर अंदर दाखिल हुए तो शव फांसी पर लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के छोटे भाई बृजेश ने बताया कि 20 दिन पहले बाबू वर्मा कोसीकलां भट्ठे के मुनीम से दो लाख रुपये लेकर गांव आया था। उसे यहां से मजदूरों को ले जाना थे। यह रुपये उसने गांव के ही एक ठेकेदार के पास सुरक्षित रहने की नीयत से जमा कर दिए। लेकिन अब ठेकेदार पैसा देने से मुकर गया।
बाबूराम मकर संक्रांति के बाद फिर कोसीकलां गया और 20 हजार रुपये फिर मुनीम से लेकर वापस लौटा। इधर, मजदूरों को एडवांस देने के लिए उसके पास पैसा नहीं था। इसी से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। पत्नी के अलावा दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं।
युवक ने फांसी लगाई, भर्ती
बांदा। शहर कोतवाली अंतर्गत कांशीराम कालोनी में बुधवार की शाम पंकज (32) पुत्र कमला प्रसाद ने सीलिंग फैन पर रस्सी बांधी और फंदे पर झूल गया। इसी बीच घरवालों की नजर पड़ गई और तत्काल फंदा काटकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उसका इलाज चल रहा है। बड़े भाई सुशील के मुताबिक घर में तेरहवीं संस्कार था। पंकज मां से शराब के लिए पैसे मांग रहा था, न देने पर फांसी लगा ली।