जिला प्रशासन व नगर पालिका के इंतजामों के दावों के बावजूद कड़ाके की सर्दी में ठंड से मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को चार और लोगों की जान चली गई। ठंड से मरने वालों की संख्या 27 पहुंच गई है।
पांच अन्य लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी ने पखवारे भर पूर्व उप जिलाधिकारियों और अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी दी थी कि ठंड से कोई व्यक्ति मरना नहीं चाहिए। इसके बावजूद अब तक ठंड से जानें जा रही हैं।
मंगलवार की रात अतर्रा क्षेत्र के महोतरा गांव के पुरवा उसरा में राममिलन (45) पुत्र अल्हवा को ठंड लगने से परिजन उसे सीएचसी ले गए। यहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
उधर, बबेरू में मनोरथ थोक निवासी लीला देवी (65) पत्नी प्रकाश, कमासिन रोड निवासी शिवदास (72) और गांधी नगर निवासी बारेलाल (70) की ठंड लगने से मौत हो गई। इसी तरह पिंडारन (मरका) में सफाई कर्मी पार्वती (45) पत्नी छितानी झाडू लगाते समय ठंड की चपेट में आ गई और वहीं मौत हो गई। वह शमसुद्दीनपुर गांव की रहने वाली थी।
उधर, ठंड से हालत बिगड़ने पर मर्दननाका निवासी रामकली (60), अनुसुइया (40) निवासी झंझरी (जसपुरा), ऊदल (45) बंगालीपुरा और शालू (16) निवासी बलखंडी नाका, बल्लू (72) मरका को बुधवार को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है।