आम लोगों से सात अप्रैल तक मांगी गई आपत्तियां
कृषि भूमि को बरती रियायत, दस फीसदी बढ़ी दरें
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जिले में दो साल बाद जमीनों की सर्किल दरें 15 से 20 फीसदी तक बढ़ेंगी। इससे जमीनें महंगी हो जाएंगी। आम लोगों से सात अप्रैल तक आपत्तियां मांगी गई हैं। नई सर्किल दरें इसी माह लागू की जाएंगी। इससे बैनामा कराने वाले लोगों को झटका लगेगा। नई सर्किल दरों की सूची निरीक्षण के लिए निबंधन कार्यालय, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, अपर जिलाधिकारी के यहां रखी है।
जनपद में सर्किल दरें दो साल से नहीं बढ़ी थीं। सरकार द्वारा बाईपास व नहर आदि के लिए जमीन खरीदना था, लेकिन शासन के आदेश पर इस वर्ष सर्किल दरें बढ़ाई जा रही हैं। इसके लिए सर्वे के बाद सूची भी तैयार कर ली गई है। नई सर्किल दरों में कृषि भूमि को राहत दी गई है। इसकी दरों में दस फीसदी का ही इजाफा किया गया है। राष्ट्रीय व राजमार्ग व बाईपास और शहर की जमीनों की सर्किल दरों में खासा इजाफा किया गया है। राष्ट्रीय मार्ग से सटी सड़क किनारे की जमीनों में सर्किल दरें 20 फीसदी तक बढ़ाई गईं।
राजमार्ग से जुड़ी जमीनों की सर्किल दरे 17 फीसदी और बाईपास की जमीनों की दरों में 13 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। शहर के प्रमुख मार्ग डिग्री चौराहे से छोटी बाजार, स्टेशन से अतर्रा चुंगी चौकी, जिला परिषद, कालूकुआं, तिंदवारी रोड, नरैनी रोड, अतर्रा रोड आदि जमीनों में सर्किल दरें 15 फीसदी तक बढ़ाई गई हैं। अधिवक्ता गोपाल तिवारी का कहना है कि सर्किल दरों में बढ़ोतरी के बाद जमीनें और ज्यादा महंगी हो जाएगी। शहर में गरीब व मध्यम वर्ग के लिए जमीन खरीदकर मकान बनवाना एक सपना मात्र बनकर रह जाएगा। उधर, अधिवक्ता छत्रपाल का कहना है कि सर्किल दरों में काफी खामियां हैं। सर्किल दरों में एक समानता नहीं है। कही ज्यादा तो कही कम है। इस पर आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।
-नई सर्किल दरें लागू होने से शहरी क्षेत्र की भूमि महंगी होगी। सर्किल दरों में जिसे जो भी आपत्ति है, वह सात अप्रैल तक लिखकर दें। उनका प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जाएगा। -राजेश कुमार, एडीएम, बांदा।