फोटो-13- मंदाकिनी के घाटों और आसपास के क्षेत्र में सफाई करते युवक। संवाद
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बांदा। प्रदूषण को लेकर हमेशा निचले पायदान पर रहने वाले बुंदेलखंड के हालात सुधरते नजर आ रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के देशव्यापी ताजे आंकड़े यही बयां कर रहे हैं। हाल ही में केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता पुरस्कारों के मद्देनजर जारी की गई शहरों की रैकिंग में बुंदेलखंड के सातों जिलों में झांसी का स्कोर सर्वाधिक है। चित्रकूटधाम मंडल के जिलों में धर्म नगरी चित्रकूट अव्वल है। वीर भूमि महोबा को दूसरा स्थान मिला है। मंडल मुख्यालय बांदा तीसरे पायदान पर है।
देश और प्रदेश की तर्ज पर बुंदेलखंड के शहरों में भी आबादी का स्कोर लगातार बढ़ा है। ऐसे में गंदगी, कचरा और प्रदूषण बढ़ना भी स्वाभाविक है। साथ ही आम लोगों में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सरकारी स्तर पर किए जा रहे उपायों और प्रयासों से बुंदेली धरती के भी हालात बदल रहे हैं।
फिर भी अभी स्थिति संतोषजनक नहीं है। प्रदेश स्तर पर जारी हुई रैंकिंग में बुंदेलखंड के झांसी को जहां 92वां स्थान मिला है, वहीं चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय बांदा को 422वें स्थान पर संतोष करना पड़ा है। स्वच्छता सर्वेक्षण के जारी हुए आंकड़ों में कानपुर सेंट्रल के अन्य जिलों की स्थिति बुंदेलखंड की अपेक्षा बेहतर है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में बुंदेलखंड के जिलों की स्थिति
जिला स्थान स्कोर
झांसी 92 58.93
ललितपुर 215 47.61
चित्रकूट 287 40.81
महोबा 391 31.09
बांदा 422 28.31
जालौन 441 26.16
हमीरपुर 493 14.65