बांदा। सूखे से परेशान पशुपालकों द्वारा अन्ना छोड़ी गईं भूखी गायों के
चारे के इंतजाम के लिए कई लोग आगे आए हैं। इन लोगों ने गायों के लिए भूसा
दान करने की घोषणा की है। ‘अमर उजाला’ की इस पहल को दूरदराज तक के पशु और
गो भक्तों ने सराहा है।
चित्रकूटधाम मंडल में ढाई लाख से ज्यादा
अन्ना गायें हैं। बांदा जनपद में भी ये बड़ी संख्या में हैं। भूख मिटाने के
लिए ये खेतों मेें धावा बोल रही हैं। शहर की सीमा से जुड़े बड़ोखर खुर्द
गांवों में अन्ना गायों से परेशान किसानों ने गोशाला बनाकर गायों को रखा
है।
इसी गांव के प्रगतिशील किसान प्रेमसिंह ने अपने कृषि फार्म में
गोशाला बनाई है। यहां रखी जा रही गायों के लिए भूसा जुटाया जा रहा है।
रविवार को ‘अमर उजाला’ ने इसकी मुहिम शुरू की। खबर के जरिये लोगों से अन्ना
गायों के लिए भूसा दान करने का अनुरोध किया।
पहले ही दिन
सकारात्मक नतीजे आए हैं। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर जनपदों से कई लोगों ने
भूसा दान करने की घोषणा की है। इसके अलावा पूना (महाराष्ट्र) से भी भूसा
दानदाता आगे आए हैं।
इन लोगों ने किया दान
1. बीएम कुशवाहा टैक्स अधिवक्ता (सुधा सौरभ होटल, बांदा), 1000 रुपये प्रतिमाह गोशाला मेंटीनेंस के लिए।
2. चंद्रशेखर सिंह, रिटायर्ड शिक्षक (पहाड़ी), चित्रकूट। पांच क्विंटल भूसा।
3. शिव कुमार विश्वकर्मा (प्रबंधक, यूनिक एजुकेशन सेंटर, राठ) हमीरपुर। 1000 रुपये।
4. दीपा धीरज नगर, बांदा। दो क्विंटल भूसा।
5. अशोक जवाहरे पूना (महाराष्ट्र), 1000 रुपये।
भूसा दान के लिए यहां करें संपर्क
बांदा।
अन्ना गायों के लिए दान करने वाले अपनी मदद पहुंचाने के लिए फोन नंबर-
9415557444 (प्रेम सिंह बड़ोखर) या फोन नंबर -05192-244521 (अमर उजाला
कार्यालय, बांदा, दोपहर 12 से शाम तीन बजे तक) सूचना दें। दानदाताओं के नाम
और फोटो ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित किए जाएंगे।
610 अन्ना गायों के लिए भूसे का संकट
बांदा।
सदर तहसील के छेहरावं गांव स्थित विशाली सिंह गोधाम सेवा संस्थान भी अन्ना
गायों की कई साल से सेवा कर रहा है। सदर तहसील के पांच गांवों में 610
अन्ना गायें संस्थान ने अपनी गोशालाओं मेें रखी हैं, लेकिन इन्हें प्रशासन
की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही।
दैवी आपदा से जूझ रहे किसान इन
गायों का पेट भर पाने में असमर्थ हैं। संस्थान अध्यक्ष उदयभान सिंह ने डीएम
को अर्जी देकर गोशालाओं के लिए चारा-भूसा आदि की मांग की है।
छेहरावं
गांव में 150, पथरी में 50, लुकतरा में 300, चकचटगन में 60 और पचुल्ला
गांव में 50 अन्ना गायों को रखा गया है। अध्यक्ष ने कहा है कि गोशाला में
बाउंड्री भी नहीं है।
बांस और झांखर लगाकर काम चलाया जा रहा है। मनरेगा से बाउंड्री बनवाकर अन्ना गायों को चारा, भूसा की व्यवस्था की जाए।