बांदा। तीन माह पूर्व पुलिस व स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (पशुओं का दूध बढ़ाने की दवा) परीक्षण में नकली पाया गया। खाद्य विभाग ने प्रयोगशाला से आई इस रिपोर्ट को संबंधित अदालत में दाखिल किया है।
शहर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने 22 नवंबर 2021 को बबेरू रोड स्थित एक मकान से छापा मारकर 4500 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पकड़े थे। यह इंजेक्शन पशुओं को लगाए जाते हैं, ताकि उनके दूध की मात्रा बढ़ जाए। टीम ने इन इंजेक्शनों के साथ किरन कालेज चौराहा निवासी नरेंद्र गुप्ता व सुमित गुप्ता पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बरामद इंजेक्शनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया था। ड्रग इंस्पेक्टर श्रीकांत गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में इंजेक्शन को नकली बताया गया है। यह रिपोर्ट पुलिस के माध्यम से न्यायालय में पेश की जाएगी, साथ ही पैरवी कर आरोपियों को दंडित कराया जाएगा।