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बुंदेलखंड की अनोखी होली: गाली-गलौज और झगड़े पर मिलती थी दो बीघा जमीन

Mon, 02 Mar 2026 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में होली का पर्व केवल रंगों और उल्लास का ही नहीं, बल्कि सदियों पुरानी कुछ अनोखी और विवादास्पद परंपराओं का भी गवाह रहा है। इन परंपराओं में से एक होली का हुड़दंग थी, जहां गांव के लंबरदार (काश्तकार) मृत मवेशियों की हड्डी व गंदा पानी मजदूरों के घरों में फेंक देते थे। इसके जवाब में मजदूर गाली-गलौज करते थे और इस हुड़दंग के बदले उन्हें मुंह मांगी बख्शीश के रूप में कीमती जमीन भी मिल जाती थी।
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दो बीघा ज़मीन का ईनाम
इस परंपरा का एक ऐसा ही अनूठा उदाहरण जिले के तेंदुरा गांव से सामने आया है। गांव निवासी कलुआ का कहना है कि उनके बाबा पंचा को लंबरदार नकाशी सिंह ने इसी हुड़दंग की बख्शीश के रूप में दो बीघा जमीन हमेशा के लिए दे दी थी। आज भी उनका परिवार उस जमीन पर काबिज है। हालांकि, अब यह परंपरा काफी हद तक लुप्त हो चुकी है और लोग किसी के यहां चौहाई का काम नहीं करते।



शुरुआत में, इस गैर-सामाजिक परंपरा को बुरा न मानो होली है कहकर दरकिनार कर दिया जाता था। लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा झगड़ों का कारण बनने लगी और लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। तेंदुरा के ग्रामीणों का कहना है कि हुड़दंग का विरोध करने पर एक ग्रामीण अमलोहरा को गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी जान तो बच गई, लेकिन एक हाथ गंवाना पड़ा।
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खूनी त्योहार से कानून की गिरफ्त में

पद्मश्री उमाशंकर पांडे के अनुसार, यह एक गैर-सामाजिक परंपरा थी, जिसने समाज में विरोध को जन्म दिया। इस परंपरा की आड़ में लोग कानून विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने लगे थे, जिससे होली का त्योहार कई जगहों पर खूनी साबित हो रहा था। इस पर पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू की और धीरे-धीरे यह मामले कानून के दायरे में आने लगे, जिससे यह परंपरा लुप्त होने लगी।



आज भी जारी है परंपरा की झलक

सामाजिक विरोध और कानूनी बंदिशों के बावजूद बुंदेलखंड के कुछ गांवों में आज भी इस परंपरा की झलक देखने को मिल जाती है। शहरी इलाकों में भी कुछ शरारतीतत्व इस परंपरा की आड़ में लोगों के घरों में गंदगी फेंक आते हैं। इतना ही नहीं कुछ जगहों पर होली का चंदा न देने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता है। यह कृत्य अक्सर रात के अंधेरे में किया जाता है, जिससे पता नहीं चल पाता कि यह किसने किया। घर में गंदगी देखकर लोग गाली-गलौज करके चुप हो जाते हैं।
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