बांदा। ब्लाक प्रमुख चुनाव में सत्ता की हनक के
बलबूते प्रत्याशियों पर मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें डराने और मैदान से हटाने
के हथकंडों को तगड़ा झटका लगा।
ऐसे ही मामले मेें भाजपा प्रत्याशी
के विरुद्ध दर्ज कराए गए अपहरण जैसे संगीन मामले की हवा निकल गई। जिस महिला
की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई उसने शपथ पत्र देकर कहा है कि उसने पुलिस
को ऐसी कोई तहरीर ही नहीं दी। न ही उसके पति का अपहरण हुआ।
बड़ोखर
ब्लाक से भाजपा प्रत्याशी के रूप में प्रमुख पद का चुनाव लड़ रहे विशंभर
सिंह लालू के विरुद्ध खैराडा गांव निवासी बिंदी पाल की ओर से मटौंध थाने
में रिपोर्ट दर्ज की गई थी कि उसके पति बीडीसी सदस्य जयराम का अपहरण वोट
देने के लिए लालू सिंह और उसके भाई राजेश सिंह ने कर लिया था।
पुलिस
ने मटौंध थाने में प्रत्याशी विशंभर व उसके भाई राजेश के विरुद्ध अपहरण (
धारा 364) की रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया।
बिंदी
पाल ने पुलिस अधीक्षक को हलफनामा देकर कहा है कि उसके पति का अपहरण नहीं
हुआ। न ही उसने ऐसी कोई रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह हरकत विरोधियों ने की है।
उसने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर भी नहीं दी।
उसका पति
स्वेच्छा से रिश्तेदारी में गया था। उधर, बिंदी पाल के पति और बीडीसी सदस्य
जयराम ने एसपी को दिए हलफनामे में कहा है कि उस पर तमाम प्रत्याशी वोट के
लिए दबाव डाल रहे थे, इसलिए स्वेच्छा से गांव से बाहर चला गया था। उसकी
पत्नी या परिवार ने अपहरण जैसी कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई। वह प्रमुख
चुनाव में मतदान करेगा।