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आधी सर्दी बीती, आधे से ज्यादा बच्चों को न स्वेटर न यूनिफार्म

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बांदा। सीजन की आधी सर्दी गुजर गई। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले एक लाख 42 हजार से ज्यादा बच्चों के अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म और स्वेटर, जूता-मोजा की धनराशि नहीं पहुंच सकी है। हालांकि दूसरी किस्त में 90 हजार बच्चों के अभिभावकों का खाता नंबर और आधार कार्ड नंबर इत्यादि डाटा शासन को भेजा जा चुका है। पहली किस्त में 2 लाख 38 हजार बच्चों में सिर्फ 90,419 स्कूली छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म का पैसा नसीब हो सका है।
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए यूनिफार्म, स्वेटर और जूते-मोजे के लिए पहले चरण में 9 करोड़ 94 लाख 60 हजार 900 रुपये भेजे गए थे। इसमें 90,419 स्कूली छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म का पैसा मिला था। उधर, शेष रह गए स्कूली छात्र-छात्राओं को अब तक यूनिफार्म का पैसा नहीं मिल सका है। विभाग का दावा है कि उसने 90 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाता नंबर और बैंक खाता नंबर का मिलान करके शासन को भेज दिया है। शासन की तरफ से अब तक धनराशि नहीं निर्गत की गई है।
जनपद के परिषदीय स्कूलों में वर्तमान शिक्षा सत्र में 2,20,248 बच्चे पंजीकृत हैं। जिले में 1725 विद्यालय हैं। शासन ने 2 लाख 38 हजार 75 बच्चों को यूनिफार्म दिए जाने का लक्ष्य रखा है। इसमें इंटर कॉलेजों के कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे भी शामिल हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण में 90 हजार अभिभावकों के प्रमाणित आधार नंबर से संबंधित डाटा को पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर अपलोड कर शासन को भेज दिया था।
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जिला समन्वयक सूर्य प्रकाश ने बताया कि दूसरे चरण के बच्चों के अभिभावकों का वेरिफिकेशन पूरा कर फीडिंग का काम कर लिया गया है। शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
प्रति बच्चा 1100 रुपये की धनराशि निर्धारित
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूली बच्चों को दो सेट यूनिफार्म (कीमत-600 रुपये), स्वेटर (200 रुपये), एक जोड़ी जूता व दो जोड़ी मोजा (125 रुपये), स्कूल बैग (175 रुपये) स्कूल से वितरित किए जाते थे। अब यह धनराशि 1100 रुपये अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही है।
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