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प्राइवेट एजेंसियों के 37 केंद्रों में धान खरीद पर रोक

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बांदा। 50 फीसदी से कम भुगतान पर प्राइवेट एजेंसियों के 37 क्रय केंद्रों में धान खरीद पर रोक लगा दी गई है। जनपद में प्राइवेट एजेंसियों पर 700 किसानों का करीब 9 करोड़ 38 लाख से अधिक बकाया है। किसान भुगतान के लिए क्रय केंद्रों में चक्कर काट रहे हैं।
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62 क्रय केंद्रों में धान की खरीद की जा रही है। इनमें 37 क्रय केंद्र एफपीसी (फामर्स प्रोड्यूसर्स) व एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशन) के हैं। इनके द्वारा पहली नवंबर से अब तक 1942 किसानों का 14,268 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। किसानों को इसकी कीमत 27 करोड़ 68 लाख मिलनी है। जिसमें अभी मात्र 18 करोड़ 29 लाख का भुगतान किया गया है। 700 किसानों का अभी भी एजेंसियों पर 9.38 करोड़ बकाया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सीपी पांडेय ने बताया कि प्राइवेट क्रय एजेंसियों को पिछले सप्ताह नोटिस जारी की गई थी कि वह शासन की मंशा के अनुरूप किसानों के धान का भुगतान 72 घंटे के अंदर किया जाए। लेकिन सभी किसानों का भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में सभी प्राइवेट एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर धान की खरीद पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। भुगतान के बाद ही इन्हें खरीद की अनुमति दी जाएगी।
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दो माह में खरीदा गया 37 फीसदी धान
जनपद में इस वर्ष धान की खरीद का लक्ष्य 75,500 मीट्रिक टन निर्धारित है। अब तक 28,334 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी का कहना है कि बारिश के कारण धान की खरीद प्रभावित हुई है। तय समय पर लक्ष्य के अनुरूप धान की खरीद कर ली जाएगी। क्रय केंद्रों में किसानों का डंप धान लगभग खत्म हो गया है।
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