स्वास्थ्य चिकित्सा मंत्री सुरेश खन्ना के साथ मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश यादव (पीछे सिर ?
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते कोविड-19 हॉस्पिटल और राजकीय मेडिकल कालेज, बांदा के प्रिंसिपल डॉ. मुकेश कुमार यादव भी कोरोना संक्रमण से नहीं बच सके। ट्रूनेट मशीन से की गई दो जांचों में उन्हें पॉजिटिव पाया गया है।
हालांकि इसके बाद भी पुष्टि के लिए उनके स्वॉब का नमूना झांसी लैब भेजा गया है। प्रिंसिपल ने खुद को अपने सरकारी आवास में आइसोलेट कर लिया है। खास बात यह है कि छह दिन पूर्व प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन करने आए थे। लगभग 28 मिनट मंत्री यहां रहे। पूरे कार्यक्रम में प्रिंसिपल सहित मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम, एसपी सहित सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में अफसर तथा नेता उपस्थित थे।
प्रिंसिपल डॉ. मुकेश की बुधवार को यहां जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से जांच की गई। उनमें संक्रमण के लक्षण पाए गए। इसके बाद इसी मशीन से दूसरी जांच सॉर्स कोविड जांच की गई। इसमें भी संक्रमण के लक्षण निकले। इसके बाद प्रधानाचार्य ने खुद का स्वॉब का सैंपल जांच के लिए झांसी लैब भिजवाया है।
उन्होंने बताया कि एहतियातन मेडिकल कालेज परिसर में स्थित अपने आवास पर उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। गौरतलब है कि बांदा मेडिकल कालेज चित्रकूटधाम मंडल का इकलौता कोविड-19 अस्पताल है। चारों जिलों के संक्रमित मरीज यहीं भर्ती हैं और उनका इलाज हो रहा है।
मौजूदा समय में यहां भर्ती मरीजों की संख्या 36 है। प्रधानाचार्य के नेतृत्व में मेडिकल कालेज में अब तक 1380 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें 253 लोगों को संक्रमित पाया जा चुका है। इसमें 217 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब अस्पताल के मुखिया खुद भी इसकी गिरफ्त में आ गए।