बांदा। दैवी आपदा की मार झेल रहे बुंदेलखंड में खेत-तालाब योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। चित्रकूटधाम मंडल में पिछले लक्ष्य के 60 फीसदी तालाब अभी तक खुद नहीं पाए हैं और 1500 तालाबों का लक्ष्य फिर दे दिया गया।
मंडल के चारों जिलों में पिछले वर्ष 2019-20 में 4167 तालाबों के लक्ष्य में 1976 तालाब ही खुद पाए। तालाबों की खुदाई में अधिकारियों ने बजट को रोड़ा बताया है।
मंडल में पिछले वर्ष खेत-तालाब योजना की स्थिति
जनपद लक्ष्य खुदे तालाब
बांदा 2000 1154
चित्रकूट 792 392
महोबा 750 312
हमीरपुर 675 318
योग 4,167 1,976
क्या है खेत तालाब योजना
खेत तालाब योजना वर्ष 2013 में शुरू की गई थी। इसमें सभी किसान शामिल हैं। सरकार मूल लागत पर 50 फीसदी अनुदान देती है। तालाब खुदने के बाद किसान के खाते में अनुदान भेजा जाता है। लघु तालाब की लागत 1.05 लाख रुपये और मध्यम तालाब की लागत 2.28 लाख रुपये है।
बड़ोखर ब्लाक के खैराडा गांव निवासी किसान भगवानदीन का कहना है कि वह दो साल से खेत-तालाब योजना के तहत अपने खेत में लघुु तालाब खुदवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहा है। उसकी फाइल अभी तक स्वीकृत नहीं हुई। अभी दो दिन पहले गया तो कहा गया कि बजट नहीं आया है।
महुआ ब्लाक के बलखेड़ा गांव के किसान गौरव का कहना है कि पिछले साल से वह अपने खेत में तालाब खुदवाने के लिए भूमि संरक्षण विभाग के चक्कर लगा रहा है। बजट का अभाव बताकर लौटा दिया जाता है।
बजट नहीं आया
मंडल को पहले 2975 तालाबों का लक्ष्य दिया गया था। बाद में लक्ष्य बढ़ा दिया गया। बढ़े तालाबों के लिए बजट ही नहीं आया। इससे शत-प्रतिशत तालाब की खुदाई नहीं कराई जा सकी।-नरेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक, भूमि संरक्षण।